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2012 से विरमगाम में नहीं जीती BJP, क्या कांग्रेस के गढ़ में नैया पार लगा पाएंगे हार्दिक पटेल?

पटेलों का गढ़ मानी जाने वाली विरमगाम सीट पर बीजेपी और हार्दिक दोनों के लिए बड़ी चुनौती है. इस सीट पर पिछले 2 बार यानी 2012 से कांग्रेस का दबदबा रहा है. पाटीदार आंदोलन के चलते 2017 चुनाव में भी बीजेपी को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था.

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को बीजेपी ने विरमगाम सीट से दिया टिकट पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को बीजेपी ने विरमगाम सीट से दिया टिकट
प्रभंजन भदौरिया
  • अहमदाबाद,
  • 10 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 160 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी. इस लिस्ट में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का भी नाम है.  हार्दिक इस साल जून में ही कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्हें बीजेपी ने विरमगाम सीट से टिकट दिया. हार्दिक विरमगाम के ही रहने वाले हैं. वे इस सीट से ही टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे. 

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पटेलों का गढ़ मानी जाने वाली विरमगाम सीट पर बीजेपी और हार्दिक दोनों के लिए बड़ी चुनौती है. दरअसल, इस सीट पर पिछले 2 बार यानी 2012 से कांग्रेस का दबदबा रहा है. पाटीदार आंदोलन के चलते 2017 चुनाव में भी बीजेपी को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था. 

2017 में खिलाफत करने वाले हार्दिक इस बार साथ

हार्दिक गुजरात में पटेलों के बड़े नेता माने जाते हैं. पिछले विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव में वे बीजेपी की खिलाफत कर रहे थे. कभी बीजेपी पर हमला करने वाले हार्दिक अब बीजेपी में ही हैं. वो लगातार जनता के बीच बीजेपी की नीतियों के साथ जा रहे हैं और समर्थन मांग रहे हैं. ऐसे में बीजेपी ने 10 साल का राजनीतिक सूखा खत्म करने के लिए हार्दिक पर दांव लगाया है. 

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2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे हार्दिक 

गुजरात में साल 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले हार्दिक पटेल और राहुल गांधी की मुलाकात हुई थी. हालांकि, तब तक हार्दिक पटेल खुद को पाटीदार नेता के रूप में स्थापित कर चुके थे लेकिन वे सक्रिय राजनीति से दूर ही थे. साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हुए और पार्टी ने साल 2020 में सबसे कम उम्र का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी. लेकिन चुनाव आने से पहले ही हार्दिक का कांग्रेस से मोहभंग हो गया और वे बीजेपी में आ गए. 

2017 में कांग्रेस से आए विधायक भी बीजेपी को नहीं दिला पाए थे जीत 

साल 2012 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस की महिला उम्मीदवार तेजश्रीबेन पटेल ने 84 हजार 930 वोट पाकर बीजेपी के नारणभाई पटेल को मात दी थी. नारणभाई को 67 हजार 947 वोट मिले थे. वहीं साल 2017 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुईं तेजश्रीबेन को जनता ने नकार दिया था. तेजश्रीबेन को यहां से हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस के उम्मीदवार लाखाभाई भीखाभाई भरवाड़ ने जीत दर्ज की थी. इस सीट पर 2 लाख 71 हजार 52 हैं. जिसमें 1 लाख 40 हजार 844 पुरुष और 1 लाख 30 हजार 202 महिला मतदाता हैं. बीजेपी इस सीट पर आखिरी बार 2007 में जीती थी. 

 

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