
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं. इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड बहुमत मिला है. गुजरात चुनाव के बीच तीन युवा नेताओं पर सबकी नजरें थी. ये नेता हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी हैं. पिछले चुनाव में ये तीनों ही नेता बीजेपी के लिए चुनौती बन गए थे, लेकिन इस बार हालात बदल गए. अल्पेश और हार्दिक बीजेपी में शामिल होकर भाजपा से चुनाव लड़ रहे थे. वहीं जिग्नेश कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमा रहे थे.
हार्दिक पटेल चुनाव जीते
गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन का चेहरा रहे हार्दिक पटेल ने चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब वह चुनाव जीत गए हैं. बीजेपी के टिकट पर हार्दिक पटेल अपने गृहनगर की विरमगाम से मैदान में थे. यहां उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखाभाई भरवाड़ और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमरसिंह अनादई ठाकोर को हराया.
चुनाव में हार्दिक को हार्दिक ने AAP उम्मीदवार को 51,707 वोटों से हराया. वैसे ये सीट कांग्रेस की मजबूत सीट मानी जाती थी. पिछले दो चुनाव से लगातार यहां कांग्रेस जीत रही थी. लेकिन इसबार ऐसा नहीं हो सका.
अल्पेश ठाकोर दोबारा बने विधायक
गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना बनाकर शराब विरोधी आंदोलनकारी से पहचान बनाने वाले अल्पेश ठाकोर बीजेपी के टिकट पर गांधीनगर दक्षिण सीट से चुनाव लड़े थे, जिसमें वह जीत गए हैं. अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस के हिमांशू पटेल को 43,064 वोटों से हराया.
2017 में अल्पेश ठाकोर कांग्रेस के टिकट पर बनासकांठा की राधनपुर सीट से विधायक बने थे, लेकिन बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया था. 2019 में राधनपुर से उपचुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं सके. ऐसे में बीजेपी ने अल्पेश को गांधीनगर दक्षिण से उतारा है, जहां बीजेपी पिछले दो चुनाव से लगातार जीत रही है.
जिग्नेश मेवानी भी दोबारा जीते
गुजरात में दलित राजनीति का चेहरा माने जाने वाले जिग्नेश मेवानी कांग्रेस के टिकट पर वडगाम सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे. यहां उनको जीत मिली है. जिग्नेश मेवानी ने 4928 वोटों से बीजेपी के मणिलाल वाघेला को हराया. मेवानी 2017 में वडगाम सीट पर निर्दलीय विधायक बने थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें समर्थन किया था. जिग्नेश मेवानी कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं और राहुल गांधी के करीबी नेता माने जाते हैं.