
गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने ताकत झोंक रखी है. पार्टियां अपने वादों और दावों के साथ जनता के बीच जा रही हैं. सभी विधानसभा सीटों पर सियासी पारा हाई है. इस बीच हम आपको बताने जा रहे हैं भावनगर पश्चिम विधानसभा सीट के बारे में. आम आदमी पार्टी की एंट्री के बाद यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है. पिछले दो बार से यहां बीजेपी जीत दर्ज करती आ रही है. यह सीट इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघानी इसी सीट से जीतते आए हैं.
क्या है मतदाता समीकरण
इस विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या 2 लाख 41 हजार 893 है. जातिगत समीकरण के लिहाज से देखा जाए तो इस क्षेत्र में कोली समुदाय, पटेल समुदाय और क्षत्रिय समुदाय का प्रभाव है.
क्या है सियासी समीकरण
इस सीट पर बीजेपी ने साल 2012 में यहां जीत दर्ज की थी. कोली और पटेल समुदाय के मतदाताओं का भी बीजेपी को आशीर्वाद मिलता रहा है. भावनगर जिले में सालों से बीजेपी का दबदबा रहा है. कांग्रेस में शहर और जिला स्तर पर मजबूत नेतृत्व की कमी भी इसका एक कारण है. लेकिन आम आदमी पार्टी की एंट्री के बाद सियासी समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं. हालांकि, राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भावनगर जिले में आम आदमी पार्टी को जनता का आशीर्वाद पाने में अभी समय लगेगा.
क्या हैं स्थानीय समस्याएं
पश्चिमी विधानसभा सीट पर सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की है. साथ ही बारिश का पानी क्षेत्र में भर जाता है. कुम्भरवाड़ा के पिछड़े इलाके में मढ़िया रोड पर गरीबों के घरों और कुम्भरवाड़ा अंडरब्रिज में पानी भर जाता है. देसाईनगर से छह लेन का काम समय सीमा पार होने के बावजूद अभी तक पूरा नहीं हुआ है. नारी गांव के पास रेलवे ओवरब्रिज जर्जर है और फोर लेन की नई सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है.
पिछले चुनाव का परिणाम
बीजेपी: जीतूभाई वाघानी को 83 हजार 701 वोट मिले
कांग्रेस: दिलीप सिंह गोहिल को 56 हजार 516 वोट मिले