
गुजरात विधानसभा चुनावों में महाजंग की दसक्रोई विधानसभा सीट काफी अहम मानी जाती है. आज हम आपको इसी सीट के सियासी समीकरण और पिछले चुनावों के बारे में कई अहम बातें बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं इस सीट के बारे में. दसक्रोई सीट पर पिछले सात बार से बीजेपी का दबदबा है. इस विधानसभा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस और अन्य पार्टियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. इस बार जनता किसे आशीर्वाद देगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन सियासी दल जनता के बीच जाकर उन्हें अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं.
बात अगर मतदाता समीकरण की करें तो दसक्रोइ विधानसभा सीट में 24.6 फीसदी ठाकोर, 21.4 फीसदी पटेल, 8.7 फीसदी दलित, 8 फीसदी क्षत्रिय और 37.4 फीसदी व अन्य मतदाता हैं. इस तरह दसक्रोई विधानसभा सीट पर ठाकोर और पटेल वोटरों का दबदबा है.
हाल ही में चुनाव आयोग के सामने दसक्रोई विधानसभा में शामिल अहमदाबाद शहर के निकोल और कठवाड़ा इलाकों को हटाने की मांग की गई थी. हालांकि, नया सीमांकन 2026 में होगा इसलिए साल 2022 में इन दोनों क्षेत्रों को हटाए जाने पर आगे ही विचार होगा.
बीते चुनाव में कड़वा पाटीदार समाज के नेता बाबूभाई जमनादास पटेल दसक्रोई सीट से बीजेपी से विधायक चुने गए थे. दसक्रोई विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. बीजेपी पिछले सात बार से इस सीट पर भगवा लहरा रही है. बीजेपी विधायक बाबूभाई जमनादास पटेल पिछले 4 बार यानी 2002 से 2017 तक इस सीट पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं.