
गुजरात के आगामी विधानसभा चुनावों में कई सीटों पर पाटीदार मतदाताओं का प्रभाव है. इनके वोट से चुनाव का रुख बदल जाता है. ऐसी ही एक सीट के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं. यह सीट है मेहसाणा जिले की विसनगर विधानसभा सीट. कहा जाता है कि इस सीट पर पाटीदारों का वर्चस्व है. जिनका रुझान बीजेपी की तरफ रहा है. इस वजह से बीजेपी के लिए यह सीट सुरक्षित मानी जाती है. साल 1995 से इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार ही जीतते रहे हैं. हालांकि, पिछले चुनाव में पाटीदार आंदोलन के चलते बीजेपी को वोट जरूर कम मिले थे. बावजूद इसके सीट बीजेपी के खाते में ही गई थी.
मतदाता समीकरण
इस सीट पर पाटीदार मतदाता ज्यादा हैं. इसमें 33 फीसदी पटेल, 23 फीसदी ठाकोर, 6 फीसदी मुस्लिम, 14 फीसदी ओबीसी, 10 फीसदी एससी, 14 फीसदी अन्य मतदाता हैं. पटेल के साथ ही इस सीट पर ठाकोर समुदाय का प्रभाव भी बढ़ रहा है. बेशक इस सीट पर किसी भी पार्टी का उम्मीदवार हो लेकिन मुकाबला पाटीदार बनाम पाटीदार ही होता रहा है.
सियासी समीकरण
साल 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन शुरू हुआ था. जिसका केंद्र विसनगर था. उस समय आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री थीं. 2015 में आरक्षण आंदोलन को लेकर विसनगर में एक बड़ा अधिवेशन आयोजन किया गया था. इस रैली में बड़ी संख्या में पाटीदार शामिल हुए थे. चुनाव के हिसाब से देखें तो पाटीदार समुदाय काफी अहम भूमिका निभाता है. उधर, कहा ये भी जा रहा है कि वर्तमान विधायक के खिलाफ लोगों में थोड़ी नाराजगी है. लेकिन बीजेपी इस नाराजगी को दूर करने पर प्लान के तहत काम कर रही है. वहीं इस बार बीजेपी के सामने कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला काफी रोचक होने की उम्मीद है.
पिछले चुनाव का परिणाम
बीजेपी: ऋषिकेश पटेल को 77 हजार 496 वोट मिले
कांग्रेस: महेंद्र पटेल को 74 हजार 627 वोट मिले