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'PM मोदी की राह पर केजरीवाल, इन मुद्दों पर चुप क्यों', ओवैसी ने साधा निशाना

गुजरात विधानसभा चुनाव के सियासी मिजाज को समझने के लिए आजतक ने अहमदाबाद में 'गुजरात पंचायत' कार्यक्रम रखा है. इसमें AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शिरकत की और हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. ओवैसी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं.

असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो) असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 15 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

गुजरात विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक रखी है तो हैदारबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी चुनावी मैदान में उतरी है. गुजरात के चुनावी मिजाज को समझने के लिए आजतक ने अहमदाबाद में 'गुजरात पंचायत' कार्यक्रम रखा है, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी ने शिरकत की और उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. 

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असदुद्दीन ओवैसी ने कहा हमारी कोशिश है कि गुजरात की जनता का फायदा हो और कांग्रेस, बीजेपी व आम आदमी पार्टी का फायदा हो. 27 सालों में गुजरात के लोगों का बहुत नुकसान हुआ है. गुजरात में कांग्रेस के विधायक भाग जाते हैं. कांग्रेस विपक्ष के रूप में फेल हो गई है. राज्य में नई लीडरशिप की जरूरत है, हमारी पार्टी कोशिश करेगी कि वो विकल्प दिखाया जा सके. विधायकों के बगावत की वजह से एक पॉलिटिकल वैक्यूम क्रिएट हो गया है.

ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस का इतना बुरा हाल है कि हम बयान भी नहीं कर सकते हैं. कांग्रेस की विश्वसनीयता खत्म हो गई है. कांग्रेस के विधायक जीत जाते हैं, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो जाते हैं. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अब नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं और हिंदुत्व की राजनीति पर चल रहे हैं. वो कॉमन सिविल कोड पर नहीं बोलेंगे और बिलकीस बानों के मुद्दे को नहीं उठाते हैं. 

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असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान के सेकुलरिज्म को मैं मानता हूं. राजनीति में जरूर इसका गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है. अल्पसंख्यक समाज के वोट लेने के लिए चुनाव के वक्त सेकुलर शब्द की दुहाई देते हैं, लेकिन उसके बाद इस पर बोलते तक नहीं है. 

क्या गुजरात में किंगमेकर बनेंगे?

ओवैसी ने कहा कि ये फैसला नहीं हुआ कि 12 सीटों पर लड़ेंगे या 20 सीटों पर. मेरा मानना है कि हम किसी पार्टी को सत्ता में आने से नहीं रोक सकते, लेकिन सदन में अपनी आवाज उठा सकते हैं. हम अपनी आवाज को सदन में उठाने के लिए तो जिता सकते हैं. मुस्लिम और गैर-मुस्लिम कैंडिडेट उतारे हैं, तीन दलित भाइयों को टिकट दिया है. दलित और मुस्लिम को एक होना भी चाहिए. हिंदुत्व की विचारधारा को बीजेपी और कांग्रेस बढ़ा रही है. उससे सबसे ज्यादा नुकसान दलित और मुसलमान का नुकसान हुआ है. 

धर्म के आधार पर आरक्षण?

आर्थिक रूप के सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने पर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सामाजिक बुनियाद के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए. पीएम मोदी की कैबिनेट में अपर कास्ट के मंत्रियों का प्रतिनिधित्व देखिए. ओवैसी ने कहा कि हमें आर्थिक ही नहीं बल्कि धार्मिक आधार पर आरक्षण दिए जाने का समर्थन नहीं चाहिए. 

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सामान्य वर्ग से नफरत के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि मुझे किसी से नफरत नहीं है. हम अधिकार की बात कर रहे हैं, कमजोर में समानता है. हजारों साल के भेदभाव कैसे 75 साल में खत्म हो जाएगी. बार-बार एक बात कही जाती है कि आरक्षण 15 साल के लिए है यह बात गलत है. राजनीतिक आरक्षण 15 साल के लिए था, जिसके लिए हर दस साल पर समीक्षा की जाती है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बाबा साहब को धोखा दे दिया है. संसद में  हमने कहा था कि EWS आरक्षण एक तरह से फ्रॉड है.

 

 

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