
कर्नाटक में सत्ता हासिल करने के लिए चल रहा सियासी ड्रामा वाकई काफी हैरतअंगेज मोड़ पर पहुंच चुका है. कांग्रेस ने अपने विधायकों के कुनबे को तोड़फोड़ से बचाने के लिए गुरुवार को उन्हें तीन चार्टर्ड फ्लाइट से केरल भेजने की कोशिश की, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) ने इसकी इजाजत ही नहीं दी. आखिरकार देर रात कांग्रेस ने बसों से अपने विधायकों को हैदराबाद भेजा.
बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की गुरुवार को शपथ ली है. राज्यपाल वजुभाई वाला ने सरकार बनाने के लिए सबसे बड़े दल बीजेपी को ही न्योता दिया. पदभार संभालने के कुछ समय बाद ही येदियुरप्पा ने उस ईगलटन रिजॉर्ट की सुरक्षा हटाने के आदेश दिए, जहां कांग्रेस विधायकों को रखा गया था. येदियुरप्पा ने बड़े पैमाने पर शीर्ष अफसरों के ट्रांसफर भी किए.
खबरों के मुताबिक चिकमगलुरु के एसपी को ट्रांसफर कर राम नगर का एसपी बनाया गया. राम नगर क्षेत्र में ही ईगलटन रिजॉर्ट आता है. इससे घबराई कांग्रेस ने तीन चार्टर्ड फ्लाइट से अपने विधायकों को केरल भेजने की कोशिश की, लेकिन बताया जा रहा है कि इसके लिए एटीसी ने इजाजत नहीं दी. इसके बाद देर रात बस से विधायकों को हैदराबाद भेजा गया.
कांग्रेस के कई विधायकों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी की तरफ से धमकियां मिल रही है. कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि ईगलटन रिजॉर्ट से पुलिस सुरक्षा हटाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और उन्होंने विधायकों को पैसे देने की पेशकश की. विधायकों का आरोप है कि उन्हें इस तरह के फोन भी आ रहे हैं.
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख दिव्या स्पंदना ने इस बारे में ट्वीट भी किया. उन्होंने लिखा, 'कर्नाटक कांग्रेस के एक विधायक की पत्नी और बेटी से बात की, यह बात झकझोरने वाली थी कि वह बेटी रो रही थी और उसने अपने पिता की जान पर खतरा बताया. इस तरह की राजनीति से वे इतना असहाय महसूस कर रहे हैं.'