
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बंपर बहुमत मिल गया है. वहीं बीजेपी सत्ता से बाहर हो गई है. इतना ही नहीं बसवराज बोम्मई की कैबिनेट के 12 मंत्री तक चुनाव हार गए. इसी के साथ कुमारस्वामी की जेडीएस पार्टी को मुंह की खानी पड़ी.
कर्नाटक चुनाव में कई बड़े नेताओं की किस्मत का फैसला भी हो गया. मुख्मंत्री बसवराज बोम्मई से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार, जगदीश शेट्टार और कुमारस्वामी तक कई दिग्गजों का साख दांव पर लगी थी.
चित्तापुर: प्रियांक खड़गे बनाम मणिकांत
कर्नाटक की हाई प्रोफाइल चित्तापुर सीट से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को जीत मिली है. उन्होंने बीजेपी के मणिकांत राठौड़ को 13,640 वोटों से चुनाव हरा दिया. कांग्रेस प्रत्याशी प्रियांक को इस चुनाव में 81323 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर 67683 वोटों के साथ बीजेपी के मणिकांत राठौड़ रहे. यहां तीसरे नंबर पर 962 वोटों के साथ आम आदमी पार्टी के जगदीश एस सागर रहे. बता दें कि यह सीट कांग्रेस की सबसे मजबूत सीटों में से एक मानी जाती है. इस जीत के बाद प्रियांक ने हैट्रिक लगा ली है.
शिग्गांव: सीएम बोम्मई बनाम यासिर पठान
बीजेपी भले ये चुनाव हार गई है. लेकिन सीएम बोम्मई अपनी सीट बचाने में कामयाब हुए. सीएम बोम्मई ने कांग्रेस के यासिर अहमद खान पठान को हराया. बोम्मई ने 35,978 वोटों से जीत दर्ज की है. यहां से बोम्मई चौथी बार जीते हैं.
वरुणा: सिद्धारमैया बनाम सोमन्ना
इस सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मैदान में थे. उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता वी सोमन्ना और जेडीएस से भारती शंकर को हरा दिया है. सिद्धारमैया ने 46163 वोटों से जीत दर्ज की. वह सीएम पद के दावेदार हैं.
कनकपुरा: डीके शिवकुमार बनाम आर अशोक
कनकपुरा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार मैदान में थे. शिवकुमार के खिलाफ बीजेपी से आर अशोक और जेडीएस से बी नागराजू किस्मत आजमा रहे थे. शिवकुमार ने दोनों को हरा दिया है. वह 12,2392 वोटों से जीते.
हुबली-धारवाड़ सेंट्रल: शेट्टार बनाम महेश
पूर्व सीएम और लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार को यहां से करारी हार मिली है. बीजेपी से टिकट नहीं मिलने की वजह से वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उनको बीजेपी के महेश तेंगिनाकाई ने 34,289 वोटों से हराया है.
चन्नापटना: कुमारस्वामी का फिर चला जादू
चन्नापटना विधानसभा सीट से जेडीएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी मैदान में थे. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सीपी योगेश्वर को 15,915 वोटों से हरा दिया है. यहां से कांग्रेस के गंगाधर एस ताल मैदान में थे. यह सीट जेडीएस की गढ़ मानी जाती है. कुमारस्वामी इस सीट से लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं.
अथणी: सावदी बनाम कुमाथल्ली
कर्नाटक की अथड़ी विधानसभा सीट पर भी निगाहें थीं. बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में थे. उनको 76,122 से जीत मिली है. उन्होंने बीजेपी के महेश कुमाथल्ली ओर जेडीएस के शशिकांत पदसालगी को हराया. कुमाथल्ली पिछला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते थे, लेकिन उन्होंने बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया था. इस तरह से पिछला चुनाव लड़ चुके दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ किस्मत आजमा रहे थे.
शिकारीपुरा: येदियुरप्पा के बेटे जीते
शिकारीपुरा विधानसभा सीट से बीजेपी नेता और येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र चुनावी मैदान में उतरे थे. उनको 11,008 वोटों से जीत मिली है. दूसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार नागराजागौड़ा रहे. विजयेंद्र के खिलाफ कांग्रेस से जेबी मलातेश उतरे थे. येदियुरप्पा इस सीट से आठ बार जीत चुके थे और इस बार उनकी विरासत संभालने विजयेंद्र उतरे थे.
सही साबित हुआ आजतक का एग्जिट पोल
कर्नाटक के एग्जिट पोल में कांग्रेस की वापसी के आसार थे. नतीजे भी ऐसे ही आए. आजतक-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल ने बताया था कि कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को सबसे ज्यादा 122 से 140 सीटें, बीजेपी को 62 से 80 सीटें, JDS को 20 से 25 सीटें और अन्य को शून्य से तीन सीटें मिलने का अनुमान था.
वहीं नतीजों की बात करें तो कांग्रेस ने 136 सीट जीती हैं. वहीं बीजेपी सिर्फ 65 सीट पर सीमित रही. इसके अलावा JDS को 19 सीट मिली हैं. वहीं चार सीट अन्यों के खाते में गई हैं.
पिछली बार क्या रहे थे नतीजे
2018 के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बना ली थी. हालांकि, बाद में जेडीएस में टूट पड़ गई और उसके विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. इस तरह एक साल के भीतर ही बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही थी. अबतक कर्नाटक में बीजेपी के 116 विधायक थे. कांग्रेस के 69 और जेडीएस के 29 सदस्य थे. वहीं छह सीट खाली थीं.