
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार स्वीकार किया कि वह INS विराट पर मौजूद थे, लेकिन ये सोचना कि उनका परिवार वहां पर छुट्टियां मनाने के लिए गए थे पागलपन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक चुनावी रैली में कहा था कि गांधी परिवार ने भारत के एक प्रीमियर वॉरशिप का इस्तेमाल छुट्टियां मनाने के लिए किया था.
1980 के दशक में लक्षद्वीप में खीचीं गई तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मैं आईएनएस विराट पर था, जब मेरे पिता प्रधानमंत्री थे तो मैं उनके साथ वहां था. निश्चित रूप से इससे जुड़ी तस्वीरें भी हैं. वह वहां एक सरकारी दौरे पर गए थे और मैं उनके साथ था." जब राहुल गांधी से पीएम मोदी के आरोपों के बारे में पूछा गया तो राहुल गांधी ने कहा, "INS विराट पर छुट्टी? ये तो पागलपन है, कोई भी एक एयरक्राफ्ट करियर पर छुट्टी क्यों मनाएगा, ये कोई क्रूज शिप नहीं था."राहुल गांधी ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में यह खुलासा किया.
क्या था पीएम मोदी का आरोप
बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि क्या आपने कभी सुना है कि कोई छुट्टियां बिताने के लिए INS विराट का इस्तेमाल करता है? ऐसा तब हुआ था जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे. आईएनएस विराट जो समुद्री सीमा के पास तैनात था, उसे 10 दिन के लिए छुट्टियां मनाने के लिए भेजा गया था.
नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया था कि विदेशियों को INS विराट के अंदर जाने की इजाजत दी गई. क्या ये राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं था? हालांकि रक्षा विभाग के अधिकारियों और रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने पीएम के आरोपों का खंडन किया है.
मोदी का दावा किया था खारिज
राजीव गांधी के लक्षद्वीप दौरे के समय वहां के प्रशासक रहे वजाहत हबीबुल्लाह ने इंडिया टुडे को बताया था कि INS विराट की तैनाती वहां जरूर की गई थी लेकिन ये तैनाती सुरक्षा कारणों से की गई थी. वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा कि INS विराट समुद्र में तत्कालीन पीएम की बैकअप सुरक्षा के लिए तैनात था, उन्होंने कहा कि पीएम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होती है और समुद्र के बीच में वारशिप के अलावा कोई चारा नहीं था.
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