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चतरा लोकसभा सीटः 26 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद, 23 मई को मतगणना

झारखंड की चतरा लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हो गए. यहां बीजेपी के वर्तमान सांसद सुनील कुमार सिंह और आरजेडी के सुभाष प्रसाद यादव के बीच मुकाबला है. इस सीट से 17 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं.

सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो
टीके श्रीवास्तव
  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

झारखंड की चतरा लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में मतदान हुए और 26 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार चतरा लोकसभा सीट पर 64.73 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. इस चरण में 9 राज्यों की 71 लोकसभा सीटों पर वोट डाले गए. इस चरण में 64.85 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. अब 23 मई को वोटों की गिनती होगी और चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

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चतरा लोकसभा सीट झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से एक है. इस सीट पर सबकी नजर है. यहां बीजेपी के वर्तमान सांसद सुनील कुमार सिंह और आरजेडी से सुभाष प्रसाद यादव चुनाव मैदान में हैं. इन दोनों के बीच ही मुकाबला माना जा रहा है. इस सीट से 17 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं. कुल 26 प्रत्याशी चतरा से चुनावी रण में उतरे हैं.

चतरा लोकसभा सीट लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का गढ़ रही है. यहां आरजेडी का मुकाबला बीजेपी के सुनील कुमार सिंह से है. सुनील कुमार सिंह यहां से मौजूदा सांसद हैं. यह सीट नक्सल प्रभावित जिलों पलामू, चतरा और लातेहर में फैली हुई है.

चतरा संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से तीन अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. चतरा सीट पर अनुसूचित जाति और जनजाति के अलावा पिछड़ी जातियों का खासा दबदबा है. पलामू, चतरा और लातेहर जिले झारखंड के पिछड़े जिलों में से एक है.

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साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में चतरा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. यहां से बीजेपी के सुनील सिंह ने कांग्रेस के धीरज साहू को हराया था. सुनील सिंह को 2 लाख 95 हजार वोट मिले थे, जबकि धीरज साहू को एक लाख 17 हजार वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर रहे तृणमूल कांग्रेस के नौशाद आलम को करीब 8 हजार वोट मिले थे.

साल 1957 में इस सीट से जनता पार्टी के विजया राजे जीती थीं. विजया राजे 1962 और 1967 का चुनाव भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत चुकी हैं. साल 1971 में इस सीट से कांग्रेस के शंकर दयाल सिंह जीते थे और 1977 में जनता पार्टी के सुखदेव वर्मा जीतकर संसद पहुंचे थे. साल 1980 में कांग्रेस के रंजीत सिंह जीते थे.

साल 1989 और 1991 का चुनाव जनता दल के टिकट पर उपेंद्र नाथ वर्मा जीतने में कामयाब हुए थे. साल 1996 में पहली बार इस सीट पर बीजेपी का खाता खुला था और उसके टिकट पर धीरेंद्र अग्रवाल चुनाव जीते थे. साल 1998 का चुनाव भी धीरेंद्र अग्रवाल बीजेपी के टिकट पर जीते थे. साल 1999 में इस सीट से आरजेडी के नागमणि कुशवाहा जीते थे. इसके बाद साल 2004 में आरजेडी के टिकट पर धीरेंद्र अग्रवाल तीसरी बार सांसद बने थे.

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इसके बाद साल 2009 में निर्दलीय प्रत्याशी इंद्र सिंह नामधारी चुनाव जीते थे. साल 2014 के चुनाव में बीजेपी के सुनील कुमार सिंह ने जीत दर्ज की थी. चतरा लोकसभा सीट की अधिकांश आबादी गांवों में रहती है और इसमें अधिकतर अनुसूचित जाति के लोग शामिल है.

इसके अलावा इस सीट पर पिछड़ी जाति की अच्छी तादात है. इस सीट के तहत चतरा (एससी), लातेहार (एससी), मनिका (एसटी), सिमरिया (एससी) और पांकी विधानसभा सीटें आती हैं.

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