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AFSPA हम भी नहीं चाहते, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं: पीएम मोदी

देश में AFSPA (Armed Forces Special Powers Acts) को लेकर छिड़ी बहस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि हम हर चीज की समीक्षा करेंगें ये हमने पहले भी कहा है, और हमने अरुणाचल प्रदेश में किया. हम करते रहते हैं. स्थितियां अगर अनुकूल हों तो हम फैसला करते हैं, लेकिन कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करते हैं.

पीएम मोदी (फोटो- PTI) पीएम मोदी (फोटो- PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

देश में AFSPA (Armed Forces Special Powers Acts) को लेकर छिड़ी बहस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि हम हर चीज की समीक्षा करेंगे ये हमने पहले भी कहा है, और हमने अरुणाचल प्रदेश में किया. हम करते रहते हैं. स्थितियां अगर अनुकूल हों तो हम फैसला करते हैं, लेकिन कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करते हैं.

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दरअसल एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी से सवाल पूछा गया कि कांग्रेस ने भी अपने घोषणापत्र में  AFSPA को लेकर रिव्यू शब्द का इस्तेमाल किया है. इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं है. उन्होंने कानून की कमियों को बदलने की बात कही है.

पीएम मोदी ने कहा कि हम ऐसा हिन्दुस्तान चाहते हैं जिसमें AFSPA हो ही ना, लेकिन ऐसी स्थिति तो आए. अलगाववादी जो सेना के लिए भाषा बोलते हैं, वैसी ही भाषा की बू कांग्रेस के घोषणापत्र में नजर आती है.

बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए जारी किए गए घोषणापत्र में कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद AFSPA की समीक्षा करने का वादा किया है. इसे लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमलावर है. 

पीडीपी के साथ गठबंधन पर क्या बोले पीएम मोदी

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कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनाने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि जिस दिन हमने गठबंधन किया, तब मुफ़्ती मोहम्मद सैयद थे, वो चीजों को समझ सकते थे. जम्मू कश्मीर में हम ऐसी स्थिति में नहीं थे कि सरकार बनाएं, लेकिन कश्मीर के हित के लिए हमने पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. महबूबा मुफ्ती के काम करने का अपना तरीका है. मुफ़्ती मोहम्मद सैयद और महबूबा मुफ्ती के काम करने का तरीका अलग है. पीडीपी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराना चाहती थी. लेकिन हम ऐसा चाहते थे. हमारी कोशिश थी कश्मीर में अच्छा करने की. हम जम्मू कश्मीर का बोझ नहीं बनना चाहते थे. इसलिए हम सरकार से अलग हो गए.

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