
पाटलिपुत्र लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और मीसा भारती के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा व्यक्ति भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक रहा है, जो बिहार में जितने भी लोकसभा के उम्मीदवार हैं उनमें सबसे अमीर है. बताया यह भी जा रहा है कि पूरे देश में भी वो संपत्ति के मामले में उंचा स्थान रखता है, क्योंकि चुनाव आयोग को दिए गए ब्यौरे में रमेश कुमार शर्मा ने अपनी संपत्ति 1107 करोड़ बताई है, जो बिहार में पटना साहिब से चुनाव लड़ रहे सिने स्टार शत्रुध्न सिन्हा की संपत्ति से कई गुना ज्यादा है.
आर के शर्मा के नाम से मशहूर यह व्यक्ति 2015 के विधानसभा चुनाव में विक्रम विधानसभा से अपना भाग्य आजमा चुका है, लेकिन सफलता नहीं मिली. उस समय उन्होंने 968 करोड़ संपत्ति का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया था. इस बार भी वो अपना भाग्य आजमा रहे हैं.
पाटलिपुत्र के नौबतपुर इलाके के कोपा कला गांव के रहने वाले रमेश कुमार शर्मा चाहते हैं कि वो जनप्रतिनिधि बनकर लोगों की सेवा करें, लेकिन यहां लड़ाई दो धाराओं के बीच में है. ऐसे में उनका चुनाव चिन्ह 'पानी का जहाज' को किनारे पहुंचाना आसान नहीं. आर के शर्मा भीषण गर्मी में गाड़ियों का काफिला लेकर प्रचार के लिए निकलते हैं, उनके आगे पीछे कार्यकर्ता हैं, खुली छत की कार में वो लोगों का अभिवादन करते हैं चाहें वो दुकानदार हो या फिर सड़क पर चलने वाला आदमी सबको हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं, लेकिन वोट नहीं मांगते हैं.
आर के शर्मा का जन्म गरीब परिवार में हुआ. उनके पिता शिक्षक थे और इन्हें भी शिक्षक बनाना चाहते थे, लेकिन शर्मा बिहार में नहीं रहना चाहते थे इसलिए बिहार टैक्ट बुक में नौकरी होने के बावजूद उन्होंने नौकरी इसलिए ज्वॉइन नहीं की, क्योंकि उनके बाद वाले व्यक्ति को नौकरी की ज्यादा जरूरत थी. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वो नेवी ज्वॉइन कर मर्चेंट नेवी में चले गए, वहां से पैसा कमाने के बाद महाराष्ट्र और गुजरात में जमीन खरीदकर इवेंट करने लगे.
भगवान में आस्था रखने वाले शर्मा की 11 कंपनियां हैं. वो स्क्रैप का काम करते हैं, पुराना जहाज खरीदते हैं फिर उसे बेचते हैं. उनका कारोबार विदेश तक फैला हुआ है. वे मल्टी मेरिन सर्विसेज लिमिटेड, मरमरी शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड, अपना इंटरनेमेंट लिमिटेड, अमारा फिल्म प्रोडक्शन लिमिटेड, फूजी पिक्चर एंड सिनेमा लिमिटेड, फूजी इंजीनयरिंग लिमिटेड कंपनियों के मालिक हैं.
गुजरात में बिजनेस होने के बावजूद वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर बोलते हैं. उन्होंने कहा कि 2014 में खुद उन्होंने मोदी के लिए बनारस में प्रचार किया था, लेकिन उन्होंने वादा खिलाफी की और माफी भी नहीं मांगी. वो जीएसटी और नोटबंदी से खफा है. उनका कहना है कि इससे देश को बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि गुजरात में भी मोदी ने कोई विकास नहीं किया है, लोगों को पानी के लिए आज भी तरसना पड़ रहा है.
आर के शर्मा नौबतपुर के एक पुराने बंद पड़े सिनेमा हॉल से अपना प्रचार अभियान चला रहे हैं. कुछ कार्यकर्ता उनके साथ हैं, सबके सिर पर टोपी है, जिसमें एक तरफ आर के शर्मा का फोटो और दूसरी तरफ शहीद भगत सिंह का फोटो लगा हुआ है. वो भगत सिंह के भक्त है. उनका कहना है कि उनसे बड़ा देशभक्त कोई नहीं, क्योंकि वो नेवी में भी रहे हैं. आर के शर्मा ने इस दौरान एक दिलचस्प वाकया सुनाया कि जब वो नेवी में थे तब उन्हें मर्चेंट नेवी में जाने का ऑफर मिला. हालांकि वो नेवी छोड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन मर्चेंट नेवी में पैसा ज्यादा था इसलिए उन्होंने भगवान भोले नाथ के मंदिर में सिक्का उछाल कर फैसला किया. सिक्का में टेल आया इसका मतलब मर्चेंट नेवी में जाना है और वो गए.
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