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थेनी: कांग्रेस के गढ़ पर एआईएडीएमके का कब्जा

थेनी जिले में स्थित थेनी लोकसभा सीट में दो विधानसभाएं बगल के मदुरई जिले की भी आती हैं. यह नई लोकसभा सीट है, जो 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आई. थेनी पर्यटन के नजरिए से खूबसूरत जगह है. यहां पहाड़ और वादी है. यह क्षेत्र बैलगाड़ी दौड़ के लिए भी मशहूर है. यहां कई बांध और नदियां भी हैं.

भारतीय रेलवे (फाइल फोटो) भारतीय रेलवे (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST

 थेनी जिले में स्थित थेनी लोकसभा सीट में दो विधानसभाएं बगल के मदुरई जिले की भी आती हैं. यह नई लोकसभा सीट है, जो 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आई. थेनी पर्यटन के नजरिए से खूबसूरत जगह है. यहां पहाड़ और वादी है. यह क्षेत्र बैलगाड़ी दौड़ के लिए भी मशहूर है. यहां कई बांध और नदियां भी हैं. जहां तक इस सीट के राजनीतिक व्याकरण की बात करें, तो यहां 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में एक-एक बार कांग्रेस और एआईएडीएमके ने जीत दर्ज की. एआईएडीएमके के आर. पर्थीपन यहां से सांसद हैं.

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राजनैतिक पृष्ठभूमि

तंजावुर सीट का इतिहास बहुत पुराना नहीं है. यह सीट 2008 में ही वजूद में आई थी. इस लिहाज से यहां दो बार आम चुनाव हुए हैं और मौजूदा समय में यह सीट एआईएडीएमके के कब्जे में है. 2009 में यहां कांग्रेस के जे.एम.आरुन राशिद ने जीत हासिल की थी.

सामाजिक तानाबाना

तंजावुर सीट पर 1441302 मतदाता है. जिसमें पुरुषों का प्रतिशत 50 है बकि महिलाओं का प्रतिशत 49.99 है. प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की तादाद 1000 है.

विधानसभा सीटों का समीकरण

तंजावुर लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा सीटें आती हैं. ये हैं- बोडीनायकन्नूर, कमबम, पेरियाकुलम, अंदीपत्ती, उसिलमपट्टी और शोलावंदन. यहां चार  विधानसभा सीटें एआईएडीएमके के पास हैं, वहीं दो सीटों पर डीएमके का कब्जा है. थेनी लोकसभा में एआईएडीएमके की दमदार मौजूदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां की सभी छह विधानसभा सीटों पर 2016 में इसी पार्टी ने जीत दर्ज की थी.

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2014 का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने यहां से जीत दर्ज की थी. आर. पार्थीपन यहां से सांसद हैं. उन्हें 571254 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर डीएमके के पी. मुथू रहे. उन्हें 256722 वोट मिले थे.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

आर. पार्थीपन यहां से पहली बार 2014 में लोकसभा सांसद बने. उनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है. वे 16 वीं लोकसभा में श्रम मंत्रालय की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य हैं. 6 फरवरी, 2019 के आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा में उनकी उपस्थिति 81 फीसदी रही है. उन्होंने 23 बहसों में हिस्सा लेते हुए इस दौरान 350 प्रश्न पूछे. उन्होंने अपनी सांसद निधि से 81.76 फीसदी रकम अपने क्षेत्र के विकास पर खर्च की.

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