पहले फेज में तमिलनाडु की सभी 39 सीटें, राजस्थान की 12, उत्तर प्रदेश की आठ, मध्य प्रदेश की छह, उत्तराखंड की सभी पांच, महाराष्ट्र की पांच, असम और बिहार की चार-चार, पश्चिम बंगाल की तीन, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश की दो-दो, छत्तीसगढ़, मिजोरम और त्रिपुरा की एक-एक सीट शामिल है.
पहले चरण में 16.63 करोड़ से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं. पहले चरण में 35.67 लाख पहली बार वोट देने वाले मतदाता हैं, इसके अलावा 20-29 साल की उम्र के 3.51 करोड़ युवा वोटर हैं. पहले चरण में मैदान में प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सर्बानंद सोनोवाल, कांग्रेस के गौरव गोगोई और द्रमुक की कनिमोझी शामिल हैं.
पहले चरण में कुल 1625 प्रत्याशी मैदान में हैं, इनमें 134 महिला उम्मीदवार भी है. इसी चरण में आठ केंद्रीय मंत्री, दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व राज्यपाल भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन सभी की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो गई है
बिहार के चार लोकसभा क्षेत्रों के 75 लाख मतदाताओं में से लगभग 47.49 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. उधर, लगातार बारिश के बावजूद जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सीट पर मतदान के पहले 6 घंटों में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं, राजस्थान में 50.95 फीसदी मतदान हुआ जबकि उत्तराखंड में 53.64 फीसदी मतदान हुआ.
महाराष्ट्र में 55.29 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि मध्य प्रदेश की छह लोकसभा सीटों पर 63.33 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 58.49 प्रतिशत, मिजोरम में 54.23, नगालैंड में 56.91 और सिक्किम में 69.47 प्रतिशत मतदान हुआ.
असम में भी लखीमपुर के बिहपुरिया के तीन होजई, कालियाबोर और बोकाखट के एक-एक और डिब्रूगढ़ के नाहरकटिया के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में खराबी की सूचना मिली थी. एक अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर गड़बड़ियां मॉक पोल के दौरान देखी गईं, जो मतदान शुरू होने से 90 मिनट पहले शुरू हुई थीं. उन गड़बड़ियों को तुरंत ठीक कर लिया गया.
उत्तराखंड की 5 सीटों पर लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान हुआ. यहां 54 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो कि 2019 के आम चुनाव के पहले चरण की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत कम है. इस साल के चुनाव में सभी पांच लोकसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान हुआ और अधिकारियों ने कहा कि 54.22 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले.
योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने उत्तराखंड के हरिद्वार में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला.
जिन 102 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हुआ, उनमें से एनडीए ने 2019 के चुनावों में 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने 45 सीटों पर जीत हासिल की थी. चुनाव आयोग ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीटों पर 1.87 लाख मतदान केंद्रों पर 18 लाख से अधिक मतदान कर्मियों को तैनात किया.
पश्चिम बंगाल में कूचबिहार सीट पर हिंसा के कारण मतदान प्रभावित हुआ. दोनों पार्टियों के सूत्रों ने बताया कि टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और चुनावी हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव एजेंटों पर हमले से संबंधित क्रमश: 80 और 39 शिकायतें दर्ज कीं.