Advertisement

अखिलेश का कन्नौज से चुनाव लड़ना लगभग तय, 25 अप्रैल को कर सकते हैं नामांकन

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीजेपी उम्मीदवार सुब्रत पाठक को हराने के लिए अखिलेश यादव का खुद कन्नौज से चुनाव लड़ना जरूरी है. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव इसके लिए तैयार हो गए हैं. कल उनका नामांकन करना तय है.

समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 24 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

उत्तर प्रदेश के कन्नौज से अखिलेश यादव का चुनाव लड़ना लगभग तय हो चुका है. देर रात से अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने की संभावना तेज हो गई. अब केवल औपचारिक ऐलान बाकी रह गया है. दरअसल, कन्नौज से सपा का एक प्रतिनिधि मंडल कल अखिलेश से मुलाकात करने लखनऊ पहुंचा था, जिसमें मौजूद सपा नेताओं ने तेज प्रताप के लिए कन्नौज की जमीन को अभी लाभदायक नहीं बताया. 

Advertisement

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीजेपी उम्मीदवार सुब्रत पाठक को हराने के लिए अखिलेश यादव का खुद कन्नौज से चुनाव लड़ना जरूरी है. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव इसके लिए तैयार हो गए हैं. कल उनका नामांकन करना तय है. बता दें कि इससे पहले सुब्रत पाठक ने आज तक से बात करते हुए कहा था कि वह चाहते हैं अखिलेश यादव ही यहां से चुनाव लड़ें, तभी चुनाव दमदार होगा.

...तो चुनाव में नहीं रह जाएगी कोई आग

सुब्रत पाठक ने कहा था कि कन्नौज अब समाजवादी पार्टी का गढ़ नहीं रह गया है. वह चाहते हैं कि अखिलेश यादव ही कन्नौज से चुनाव लड़ें. क्योंकि चुनाव में मजा तभी आएगा. अगर तेज प्रताप यादव चुनाव लड़ेंगे तो चुनाव में कोई आग नहीं रह जाएगी. सुब्रत पाठक ने कहा,'समाजवादी पार्टी की आदत है कि वह अपनी सीट पर उम्मीदवार बदल देती है, भले ही अखिलेश कन्नौज से लड़ें, इससे कोई असर नहीं पड़ने वाला है.'

Advertisement

अमेठी में बड़े अंतर से जीतेंगी स्मृति ईरानी

सुब्रत पाठक ने स्मृति ईरानी और रॉबर्ट वाड्रा की टिप्पणी पर कहा,'वाड्रा भू-माफिया हैं और स्मृति ईरानी इस बार बड़े अंतर से जीत रही हैं, राहुल के भी चुनाव लड़ने से अमेठी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.बनारस और बिहार समेत पूरा पूर्वी यूपी बीजेपी को रिकॉर्ड सीटें देगा. पीएम मोदी के काम ने इस क्षेत्र की कायापलट कर दी है, जो उनके विजन का नतीजा है.'

लालू यादव के दामाद हैं तेज प्रताप

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने लिस्ट जारी करते हुए कन्नौज और बलिया सीट से प्रत्याशियों का ऐलान किया था. अखिलेश ने कन्नौज से अपने परिवार के सदस्य और लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप यादव को टिकट दिया, जबकि बलिया से सनातन पांडेय को मैदान में उतारा है. तेज प्रताप यादव के पिता रणवीर सिंह यादव, अखिलेश यादव के चचेरे भाई थे. उनका 36 वर्ष की उम्र में ही निधन हो गया था. वो राजनीति में सक्रिय थे और ब्लॉक प्रमुख भी रहे. उसके बाद उनकी पत्नी मृदुला यादव भी सैफई की ब्लॉक प्रमुख रहीं. तेज प्रताप की पत्नी राजलक्ष्मी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं.

मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं तेज प्रताप

Advertisement

वहीं अगर तेज प्रताप यादव की बात करें तो वह मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं. जब नेताजी मुलायम सिंह यादव ने 2014 के चुनावों में दो सीटों आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव लड़ा था और दोनों सीट से जीत गए थे. उसके बाद उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी थी, जिस पर हुए उपचुनाव में सपा ने तेज प्रताप को मैदान में उतार दिया था और वो पहली बार देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचे थे. हालांकि 2019 के चुनाव में तेज प्रताप को टिकट नहीं दिया गया था और मैनपुरी से नेताजी ने चुनाव लड़ा था. जब मुलायम सिंह का निधन हो गया, उसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव ने जीत हासिल की थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement