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अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में किसकी सरकार? कुछ देर में आएंगे विधानसभा चुनाव के नतीजे

अरुणाचल प्रदेश में 50 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में 133 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद हुआ है. सत्तारूढ़ बीजेपी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में पहले ही 10 सीटें निर्विरोध जीत ली हैं. बीजेपी ने 2019 में 41 सीटें जीती थीं.

अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आएंगे (फाइल फोटो) अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आएंगे (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • ईटानगर/गंगटोक,
  • 02 जून 2024,
  • अपडेटेड 5:06 AM IST

अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनावों (Arunachal Pradesh & Sikkim Assembly Polls) के मतदान की गिनती रविवार को होने जा रही है. अरुणाचल में 50 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में 133 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हुआ है. सत्तारूढ़ बीजेपी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में पहले ही 10 सीटें निर्विरोध जीत ली हैं. बीजेपी ने 2019 में 41 सीटें जीती थीं. 

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वहीं, 32 विधानसभी सीटों वाले सूबे सिक्किम में सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) को लगातार दूसरी बार जीत की उम्मीद है और विपक्षी एसडीएफ उसे सत्ता से बेदखल करना चाहती है. 

अरुणाचल में क्या रहा वोटिंग प्रतिशत?

एजेंसी के मुताबिक अरुणाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पवन कुमार सैन ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार सुबह छह बजे मतगणना शुरू होगी और दोपहर तक अंतिम नतीजे आने की उम्मीद है. सूबे में 19 अप्रैल को पहले चरण में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ हुए थे. विधानसभा चुनाव में अनुमानित 82.71 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि राज्य की दो लोकसभा सीटों के लिए 77.51 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसकी गिनती 4 जून को होगी. उन्होंने बताया कि 50 विधानसभा सीटों पर डाले गए मतों की गिनती 24 केंद्रों पर होगी, जिसका प्रबंधन 2,000 अधिकारियों द्वारा किया जाएगा.

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पवन कुमार सैन ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ मिलकर हाल ही में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए समन्वय बैठक बुलाई थी और शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था.

साल 2019 के चुनावों में बीजेपी ने दोनों लोकसभा सीटों और 41 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की थी. जेडी (यू) ने सात विधानसभा सीटें, एनपीपी ने पांच, कांग्रेस ने चार और पीपीए ने एक सीट जीती थी. इस साथ ही दो निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए थे.

सिक्किम में मतगणना की कैसी तैयारी?

सिक्किम में बीजेपी, कांग्रेस और सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम (CAP-S) के उम्मीदवार भी मैदान में हैं. अधिकारियों ने बताया कि गंगटोक जिले में नौ, नामची में सात, पाकयोंग में पांच, सोरेंग और ग्यालशिंग में चार-चार और मंगन में तीन सीटों के लिए मतगणना की तैयारी कर ली गई है.

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अनुमान है कि 19 अप्रैल को पहले चरण में 32 विधानसभा क्षेत्रों और एक लोकसभा सीट पर कुल 4.64 लाख मतदाताओं में से 80 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. एकमात्र लोकसभा सीट पर पड़े वोटों की गिनती देश के बाकी हिस्सों के साथ 4 जून को की जाएगी.

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अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की निगरानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

सिक्किम चुनाव में बड़े कैंडिडेट्स

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी राय, पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग और पूर्व भारतीय फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया 146 उम्मीदवारों में प्रमुख उम्मीदवार हैं. एसकेएम और एसडीएफ ने सभी 32 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, उसके बाद बीजेपी (31), सीएपी-सिक्किम (30) और कांग्रेस (12) हैं. 

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56 वर्षीय मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया है कि सिक्किम के मतदाता पार्टी को एक और कार्यकाल का मौका देंगे. उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी राय नामची-सिंघीथांग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं. चामलिंग को भी भरोसा है कि सिक्किम के लोगों ने उनकी पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए वोट दिया है, जिसने 25 साल तक सिक्किम पर शासन किया है.

पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके 73 वर्षीय भूटिया दो विधानसभा क्षेत्रों- नामचेयबुंग और पोकलोक कामरंग में बहुकोणीय मुकाबले में हैं और विधायक के रूप में रिकॉर्ड नौवीं बार जीत की कोशिश कर रहे हैं. एसडीएफ के उपाध्यक्ष भूटिया बरफंग विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं. राज्य बीजेपी अध्यक्ष डी आर थापा अपर बर्टुक से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं.

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कैसा था 2019 में चुनावी नतीजा?

2019 में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी, जब एसकेएम ने चामलिंग के नेतृत्व वाली पार्टी की 15 सीटों के मुकाबले 17 सीटें जीतकर एसडीएफ के 25 साल के शासन को समाप्त कर दिया था. एसकेएम से ज्यादा वोट हासिल करने के बावजूद एसडीएफ सत्ता से बाहर हो गई थी.

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