
लोकसभा चुनाव के मौसम में नेताओं के एक से दूसरे दल में जाने का सिलसिला तेज हो गया है. सबसे अधिक झटके विपक्षी कांग्रेस को लग रहे हैं. एक के बाद एक बड़े नेता हाथ का साथ छोड़कर दूसरे दलों में जा रहे हैं. कांग्रेस छोड़ने वाले बड़े नेताओं में से किसी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया तो किसी का ठिकाना बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल दूसरे दल बने. कांग्रेस छोड़ने वाले नेता किस्म-किस्म के कारण गिना रहे हैं. ज्यादातर नेताओं ने राम मंदिर, सनातन और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के इर्द-गिर्द नेताओं के कॉकस को कांग्रेस छोड़ने की वजह बताया है.
इन बड़े चेहरों ने छोड़ी कांग्रेस
कांग्रेस से हाल के दिनों में कई बड़े चेहरों ने किनारा कर लिया है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे बाबा सिद्दीकी के साथ ही मध्य प्रदेश में पार्टी के बड़े नेता रहे सुरेश पचौरी तक ने पार्टी से किनारा कर लिया है. अशोक चव्हाण और सुरेश पचौरी बीजेपी में शामिल हुए तो वहीं मिलिंद देवड़ा ने सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना का दामन थामा. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे गौरव वल्लभ और रोहन गुप्ता भी बीजेपी में जा चुके हैं तो वहीं बॉक्सिंग से राजनीति में आए विजेंदर सिंह भी अब भाजपाई बन चुके हैं.
कांग्रेस छोड़कर कौन कहां गया
अशोक चव्हाण - बीजेपी में शामिल
सुरेश पचौरी- बीजेपी में शामिल
जितिन प्रसाद- बीजेपी में शामिल
आरपीएन सिंह- बीजेपी में शामिल
अर्जुन मोढवाडिया- बीजेपी में शामिल
संजय निरुपम- अभी किसी दल में नहीं
मिलिंद देवड़ा- शिवसेना
बाबा सिद्दीकी- एनसीपी (अजित पवार)
आचार्य प्रमोद कृष्णम- अभी किसी दल में नहीं
गौरव वल्लभ- बीजेपी में शामिल
रोहन गुप्ता- किसी दल में शामिल नहीं
अनिल शर्मा- बीजेपी में शामिल
अजय कपूर- बीजेपी में शामिल
विभाकर शास्त्री- बीजेपी में शामिल
विजेंदर सिंह- बीजेपी में शामिल
किसने कांग्रेस छोड़ने के पीछे क्या कारण दिए?
अशोक चव्हाण- कांग्रेस छोड़ने के बाद अशोक चव्हाण ने कोई वजह नहीं बताई. उन्होंने कहा कि यह मेरा निजी फैसला है और इसके पीछे कोई कारण नहीं बताना चाहता.
सुरेश पचौरी- कभी गांधी परिवार के वफादार नेताओं में गिने जाने वाले सुरेश पचौरी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद इसके पीछे तीन मुख्य कारण बताए. उन्होंने राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन से कांग्रेस की दूरी को ठेस पहुंचाने वाला बताया और सनातन को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बयानबाजियों पर पार्टी के मौन को लेकर भी नाराजगी जाहिर की. सुरेश पचौरी ने सेना का मनोबल तोड़ने का आरोप लगाया और जातिगत जनगणना के वादे को भी पार्टी छोड़ने की वजह बताया.
जितिन प्रसाद- कांग्रेस छोड़ने के बाद जितिन प्रसाद ने कहा था कि वहां अपने ही लोगों की नहीं सुनी जाती. जितिन का यह बयान राहुल गांधी और गांधी परिवार के आसपास नेताओं के कॉकस को लेकर नाराजगी ही दर्शाता है.
आरपीएन सिंह- यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा था कि पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही.
अर्जुन मोढवाडिया- गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखकर पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. अपने इस्तीफे में उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए लिखा- प्रभु राम केवल हिंदुओं के लिए पूज्य नहीं है, वह भारत की आस्था हैं. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के न्योते को ठुकराने से भारत के लोगों की भावना आहत हुई है. मोढवाडिया ने प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन का न्योता ठुकराने को लेकर पहले भी बयान दिया था.
संजय निरूपम- संजय निरूपम ने कांग्रेस से निष्कासन के बाद नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में पांच पावर सेंटर हो गए हैं- सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल. एक लोकसभा सीट की रार में कांग्रेस से बाहर हुए निरूपम की नाराजगी नेतृत्व को लेकर है.
मिलिंद देवड़ा- कांग्रेस छोड़ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि पार्टी अपनी वैचारिक और संगठनात्मक जड़ों से भटक गई है. जिसने कभी आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की थी, अब वही पार्टी औद्योगिक घरानों को राष्ट्र विरोधी बताते हुए निशाना बना रही है. जाहिर है, देवड़ा के निशाने पर राहुल गांधी ही थे.
बाबा सिद्दीकी- महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद कहा कि ऐसा बहुत कुछ है जिसे व्यक्त करना चाहेंगे लेकिन कुछ बातें अनकही ही रहें तो बेहतर है.
आचार्य प्रमोद कृष्णम- आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस के कई नेताओं को हिंदू विरोधी बताया था. वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकराने को लेकर भी अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भड़क गए थे. कल्कि धाम में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर आचार्य ने निमंत्रण दिया था और इसके बाद पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी. कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
गौरव वल्लभ- टीवी पर कांग्रेस का पक्ष रखते आए गौरव वल्लभ ने पार्टी छोड़ने के बाद कहा कि सनातन के विरोध में नारे नहीं लगा सकता, वेल्थ क्रिएटर्स के खिलाफ नहीं बोल सकता. भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा से दूरी बनाने वाले पापियों के साथ एक क्षण भी खड़ा नहीं हो सकता.
रोहन गुप्ता- कांग्रेस प्रवक्ता रहे रोहन गुप्ता ने संचार विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ नेता पर मानसिक उत्पीड़न, अपने खिलाफ अपमानजनक अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. रोहन गुप्ता को कांग्रेस ने अहमदाबाद से उम्मीदवार बनाया था लेकिन पिता के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने टिकट लौटा दिया था.
अनिल शर्मा- बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने सीट शेयरिंग को लेकर नाराजगी जताते हुए पार्टी छोड़ दी. उन्होंने सोनिया गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्हें कम्युनल लीडर तक बता दिया. अनिल शर्मा ने राहुल गांधी को राजा बताते हुए अवसरवादी भी बता दिया था.
अजय कपूर- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार के सह प्रभारी रहे अजय कपूर ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा था कि हर नागरिक को मोदी के परिवार से जुड़ना चाहिए. उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे कोई कारण नहीं बताया और नेतृत्व पर निशाना साधने, किसी नेता को जिम्मेदार ठहराने से भी वह बचते दिखे.
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विभाकर शास्त्री- पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पोते विभाकर शास्त्री कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के राजनीतिक सलाहकार भी रहे हैं. विभाकर ने कांग्रेस छोड़ने के बाद नेतृत्व या किसी भी नेता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप से परहेज किया. उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है.
विजेंदर सिंह- अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे. विजेंदर ने कांग्रेस से किनारा कर बीजेपी जॉइन करने के दो दिन बाद एक्स पर पोस्ट किया- मैं बागी रहूंगा उन महफिलों से जहां शोहरत तलवे चाटने से मिलती है.
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कांग्रेस की ओर से आई क्या प्रतिक्रिया?
कांग्रेस से नेताओं के मोहभंग को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कुछ लोग डर के मारे हमसे दूर भाग रहे हैं. ये वही लोग हैं जिन्होंने कुछ गलत किया है. जो सिद्धांतों पर है, उसे कोई नहीं डरा सकता है. उन्होंने इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं पर कभी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उनमें से अधिकांश वॉशिंग मशीन के माध्यम से पाक-साफ हो गए. कांग्रेस छोड़ने वाले नेता सनातन, राम मंदिर से लेकर उद्योगपतियों को लेकर विरोधी रुख को वजह बता रहे हैं तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और अन्य नेता नेताओं के पलायन के पीछे केंद्रीय एजेंसियों की जांच के भय को.