
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में लौटने का उनका फैसला राज्य और उसके लोगों के भविष्य की रक्षा के लिए था. इंडिया टुडे के राजदीप सरदेसाई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, नायडू ने पुष्टि की कि भाजपा के साथ मतभेद केवल राज्य को विशेष दर्जा देने के विषय पर था, और विकास और आर्थिक सुधार जैसे अन्य मोर्चों पर, वह और पीएम मोदी एक ही पृष्ठ पर हैं.
नायडू ने कहा कि “ सीएम जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के विकास और भविष्य को नष्ट कर दिया है, और इसकी रक्षा करना मेरी ज़िम्मेदारी है. राज्य गहरे जाल में फंस गया है. ऐसा पहले किसी सरकार ने नहीं किया. उन्होंने सारी सरकारी संपत्तियां बेच दी हैं. अब मुझे लोगों की रक्षा करनी है और उनका भविष्य बचाना है, ”
उन्होंने कहा कि उन्होंने "आंध्र प्रदेश को बचाने" के लिए पवन कल्याण की जनसेना के साथ भाजपा से हाथ मिलाया. मार्च 2018 में, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की केंद्र सरकार की अनिच्छा पर नायडू एनडीए से बाहर चले गए. नायडू ने राज्य विधानसभा में कहा था कि पीएम मोदी "आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय के लिए जिम्मेदार हैं".
इस साल मार्च में लोकसभा चुनाव से पहले वह एनडीए में लौट आए.नायडू ने इंडिया टुडे टीवी से कहा “विशेष दर्जे के मुद्दे के अलावा, हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है. यह भावना आंध्र प्रदेश के लिए है.'' आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ रहा है. “भारत में अंतर्निहित शक्ति है. वह भारत और दुनिया भर में भारतीयों को उचित नेतृत्व प्रदान करने में सक्षम हैं. जबकि पूरी दुनिया में नेतृत्व का संकट है, पीएम मोदी मजबूती से नेतृत्व कर रहे हैं.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उनकी राय के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों एक ही विचार पर हैं. उन्होंने कहा कि, “सौ प्रतिशत हम आर्थिक सुधारों, विकास, धन सृजन, भारत और भारतीयों के प्रचार में एक ही पहलू पर हैं. बिल्कुल कोई अंतर नहीं है,'' उन्होंने जगन मोहन रेड्डी पर राज्य के विकास को खत्म करने का भी आरोप लगाया और कहा कि जबकि तेलंगाना और दुनिया भर में अन्य स्थानों में तेलुगु समुदाय विकास कर रहा है, आंध्र प्रदेश में लोगों को विकास नहीं दिख रहा है.