
Chhindwara Loksabha Seat Result: चार दशक से ज्यादा समय से कांग्रेस के दिग्गज और 9 बार सांसद रहे कमलनाथ का गढ़ छिंदवाड़ा आखिरकार बीजेपी ने छीन लिया. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के खिलाफ 2023 के विधानसभा चुनाव में असफल रहे विवेक 'बंटी' साहू ने कांग्रेस के दिग्गज नेता के बेटे और मौजूदा सांसद नकुलनाथ को इस लोकसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा वोटों से पराजित कर दिया. नकुलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार चुनाव लड़े थे.
नकुलनाथ के 5 लाख 31 हजार 120 वोटों के मुकाबले बीजेपी के विवेक बंटी साहू को 6 लाख 44 हजार 738 मत मिले. इस तरह नकुलनाथ की एक लाख 13 हजार 618 वोटों से हार हो गई. छिंदवाड़ा में 55 हजार 988 वोट पाकर तीसरे नंबर पर बसपा के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के देवीराम रहे.
मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट छिंदवाड़ा पर सबकी नजर बनी हुई थी. इस सीट से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी. कांग्रेस ने दूसरी बार कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को चुनावी मैदान में उतारा था, तो वहीं खास रणनीति के बनाकर चुनावी रण में उतरी बीजेपी ने अपने कार्यकर्ता विवेक बंटी साहू पर भरोसा जताया.
एमपी में 'मिशन 29' का टारगेट लेकर चली बीजेपी के लिए छिंदवाड़ा शुरू से ही रोड़ा बनी हुई थी. इस बार चुनाव में कमल दल के दिग्गज नेताओं ने छिंदवाड़ा को फतह करने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया, जबकि कमलनाथ ने पुराने रिश्तों और विकास मॉडल के जरिए अपनी सीट को बरकरार रखने के लिए मशक्कत की थी.
मतदान के दौरान के Updates:
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू 1 लाख 17 हजार मतों से आगे चल रहे हैं.
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू 56 हजार 775 मतों से आगे चल रहे हैं. नकुलनाथ पीछे चल रहे हैं.
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू 56 हजार 775 मतों से आगे चल रहे हैं. नकुलनाथ पीछे चल रहे हैं.
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू 56 हजार 775 मतों से आगे चल रहे हैं. नकुलनाथ पीछे चल रहे हैं.
- पहला राउंड में बीजेपी के विवेक बंटी साहू 13 हजार 25 मतों से आगे चल रहे हैं.
- पहला राउंड में बीजेपी के विवेक बंटी साहू 10 हजार मतों से आगे चल रहे हैं.
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू 5 हजार मतों से आगे चल रहे हैं. नकुलनाथ पीछे चल रहे हैं.
- बीजेपी के विवेक बंटी साहू आगे चल रहे हैं. नकुलनाथ पीछे चल रहे हैं.
- सभी विधानसभा के लिए अलग-अलग मतगणना कक्ष बनाए गए हैं. विधानसभा जुन्नारदेव, चौरई, सौंसर, परासिया और पांढुर्णा के मतगणना कक्षों में 14-14 टेबल, छिंदवाड़ा के मतगणना कक्ष में 15 एवं अमरवाड़ा के मतगणना कक्ष में 16 टेबल लगाई गई हैं.
पोस्टल बैलेट की गणना ग्राउंड फ्लोर के कक्ष क्रमांक 10 में की जाएगी. पोस्टल बैलेट की गणना का कार्य प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा, जबकि EVM मशीनों से मतगणना का कार्य प्रातः 8.30 बजे से प्रारंभ होगा. वहीं, 415 कर्मचारियों को मतगणना के लिए लगाया गया है.
- 410 सीसीटीवी कैमरों से मतगणना स्थल की निगरानी की जा रही है वही सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
- छिंदवाड़ा के पीजी कॉ लेज में मतगणना स्थल बनाया गया
19 अप्रैल को हुआ था मतदान
छिंदवाड़ा में लोकसभा चुनाव में पहले चरण यानी 19 अप्रैल को मतदान हुआ था. संसदीय क्षेत्र के 79.83 फीसदी लोगों ने वोट किया था. यहां कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 32 हजार 190 है. इसके मुकाबले आम चुनाव में 13 लाख 3 हजार एक मतदाताओं ने ही वोट डाले.
2019 लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ ने 37 हजार 536 वोटों के मार्जिन से जीत हासिल की थी. कमलनाथ के परिवार के लिए यह पहली बार था जब किसी आम चुनाव में इतने कम वोटों से जीत मिली हो. उनके बेटे नकुलनाथ को 5 लाख 47 हजार 305 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी कैंडिडेट नाथन शाह को 5 लाख 9 हजार 769 मत प्राप्त हुए थे. पिछले आम चुनाव में इस संसदीय सीट पर 82.42 फीसदी मतदान हुआ था.
सिर्फ एक बार छिंदवाड़ा सीट जीत पाई BJP
बता दें कि 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस को मध्य प्रदेश में सिर्फ एक सीट हासिल हुई थी. कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में ही पार्टी जीत पाई थी. इसके अलावा, बीजेपी ने 28 सीटों पर परचम लहराया था.
कमलनाथ छिंदवाड़ा से 9 बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं. 1977 के लोकसभा चुनावों में उत्तर भारत में कांग्रेस का सफाया हो गया था पर छिंदवाड़ा से कांग्रेस को जीत मिली थी.
बीजेपी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट महज एक बार 1997 के उपचुनाव में जीत दर्ज की है और सुंदरलाल पटवा सांसद चुने गए थे. 2014 और 2019 की मोदी लहर में भी बीजेपी इस सीट पर कांग्रेस को मात नहीं दे सकी है.
छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस का दबदबा छिंदवाड़ा जिले में दिखा था. कमलनाथ खुद विधायक हैं और उनके बेटे नकुलनाथ सांसद हैं. ऐसे में इस बार बीजेपी ने छिंदवाड़ा को चुनौती के रूप में लिया है.