
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने इस लिस्ट में 39 नामों का ऐलान किया है जिसमें 15 जनरल कैटेगरी से ताल्लुक रखते हैं जबकि 24 उम्मीदवार ऐसे हैं जो एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय से आते हैं. पार्टी ने छत्तीसगढ़ से 6 उम्मीदवारों को टिकट दिया है जो इस प्रकार हैं-
राजनांदगांव से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उतारा गया है.इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. इसके अलावा जांजगीर चांपा से शिवकुमार दहेरिया, कोरबा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद ज्योत्सना महंत को फिर से टिकट दिया गया है. इसके अलावा दुर्ग से राजेंद्र साहू, रायपुर से विकास उपाध्याय और महासमुंद से पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे ताम्रध्वज साहू को टिकट दिया गया है.
टिकट मिलने के बाद भूपेश बघले ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए शीर्ष नेतृत्व ने मुझे राजनांदगांव लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिए आदेशित किया है. इस विश्वास के लिए पार्टी और शीर्ष नेतृत्व का आभार. संस्कारधानी राजनांदगांव से प्रत्याशी होना सौभाग्य है. मां बम्लेश्वरी की कृपा और जनता के आशीर्वाद से इस बार का चुनाव राजनांदगांव की जनता लड़ेगी और जीतेगी. सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं.'
राजनांदगांव की राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से अब तक कुल 17 चुनाव हो चुके हैं. राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र में 1952 से लेकर 1999 तक 13 बार चुनाव हुए. जिनमें से ज्यादातर नतीजे कांग्रेस के ही पक्ष में रहे हैं. साल 2000 में मध्य प्रदेश के विभाजन से बने छत्तीसगढ़ के अस्तित्व में आने के बाद से यहां 2007 में एक उपचुनाव के अलावा तीन लोकसभा चुनाव हुए हैं. 1999 के बाद से 2007 के उपचुनावों के अलावा सभी चुनावों(1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 ) में बीजेपी ने सीट पर कब्जा करने में कामयाब रही है.