
Delhi Exit Poll Results 2024: दिल्ली में AAP-कांग्रेस की जोड़ी को बड़ा झटका लग सकता है. कारण, एक बार फिर बीजेपी शहर की सभी सातों सीटों पर क्लीन स्वीप कर सकती है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 6 से सात सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं INDIA गठबंधन को 0-1 सीट मिल सकती है. वहीं वोटिंग प्रतिशत की बात करें तो दिल्ली में बीजेपी को 54 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. वहीं INDIA गठबंधन को 44 फीसदी और अन्य को 2 फीसदी वोट मिलते नजर आ रहे हैं.
दरअसल, दिल्ली की सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. हालांकि इस बार पार्टी ने अपने 6 सांसदों का टिकट काटकर नए चेहरों पर भरोसा जताया है. यहां बीजेपी और इंडिया ब्लॉक के बीच मुकाबला है. इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन के तहत चुनावी रण में हैं. ऐसा पहली बार हुआ है जब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ संयुक्त उम्मीदवार उतारे हैं. AAP जहां चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं कांग्रेस ने बाकी तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में 25 मई को एक ही चरण में सातों लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ था. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 54.48 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
सातों सीटों पर किस-किसके बीच है मुकाबला?
-चांदनी चौक लोकसभा सीट पर प्रवीन खंडेलवाल (भाजपा) और जय प्रकाश अग्रवाल (कांग्रेस) के बीच मुकाबला है.
-उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर मनोज तिवारी (भाजपा) और कन्हैया कुमार (कांग्रेस) के बीच मुकाबला है.
-पूर्वी दिल्ली सीट पर हर्ष मल्होत्रा (भाजपा) और कुलदीप कुमार (आम आदमी पार्टी) के बीच मुकाबला है.
-नई दिल्ली सीट पर बांसुरी स्वराज (भाजपा) और सोमनाथ भारती (आम आदमी पार्टी) के बीच मुकाबला है.
-उत्तर पश्चिमी दिल्ली सीट पर योगेन्द्र चंडोलिया (भाजपा) और उदित राज (कांग्रेस) के बीच मुकाबला है.
-पश्चिमी दिल्ली सीट पर कमलजीत सेहरावत (भाजपा) और महाबल मिश्रा (आम आदमी पार्टी) के बीच मुकाबला है.
-दक्षिणी दिल्ल सीट पर रामवीर सिंह बिधूरी (भाजपा) और सहीराम पहलवान (आम आदमी पार्टी) के बीच मुकाबला है.
दिल्ली में पार्टियों का प्रदर्शन
कांग्रेस ने तीन बार- 1971, 1984 और 2009 में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर कब्जा किया था. दूसरी ओर, बीजेपी ने 1999, 2014 और 2019 में यहां की सभी सीटें जीती हैं. बीजेपी 1989, 1991, 1996 और 1998 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. 1989 के चुनाव में पहली बार दिल्ली की सात सीटों पर तीन पार्टियों से सांसद चुने गए थे. बीजेपी ने 4, कांग्रेस ने 2 और एक सीट पर जनता दल की जीत हुई थी. 1998 के बाद से केंद्र में जीतने वाली पार्टी ने दिल्ली में 6 से कम सीटें नहीं जीतीं. 2024 के चुनाव में बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर लड़ रहीं हैं. कांग्रेस तीन सीटों- चांदनी चौक, उत्तर पश्चिमी और उत्तर पूर्वी दिल्ली तो आम आदमी पार्टी पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी और नई दिल्ली सीट पर चुनाव लड़ रही है. अब देखना होगा कि इस बार दिल्ली पर किसका कब्जा होता है?
अब तक सिर्फ 9 महिलाओं ने दिल्ली में दर्ज की जीत
साल 1952 के बाद से दिल्ली की लोकसभा सीटों में से केवल 9 महिला लोकसभा सांसद रही हैं. कांग्रेस पार्टी की सुचेता कृपलानी दिल्ली की पहली महिला सांसद बनीं. उन्होंने 1952 और 1957 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की. कृपलानी 1963 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद दिल्ली को अगली महिला सांसद पाने के लिए 9 सालों का इंतजार करना पड़ा. कांग्रेस पार्टी की सुभद्रा जोशी, चांदनी चौक से और मुकुल बनर्जी, नई दिल्ली से 1971 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. यह पहली बार था, जब दिल्ली से दो महिला सांसद चुनी गईं. यह उपलब्धि 1996 और 1998 में दोहराई गई, जब मीरा कुमार और सुषमा स्वराज सांसद चुनी गईं. दक्षिणी दिल्ली का प्रतिनिधित्व सुषमा स्वराज ने 1996 और 1998 में दो बार किया था. सुभद्रा जोशी ने 1971 में चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और कृष्णा तीरथ ने 2009 में उत्तर पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था.