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बांदा: मतदान केंद्र पर दिव्यांग मतदाता को नहीं मिली व्हीलचेयर, रैंप पर चढ़ते हुए फिसली

बांदा में छुटपुट घटनाओं के साथ जिले में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान चल रहा है. उसी क्रम में एक दिव्यांग महिला मतदाता शहर के बूथ में वोट डालने पहुचीं थी. जहां उन्हें व्हीलचेयर न मिलने के चलते अपनी बैसाखी से जाना पड़ा. वो रैंप पर ढलान होने की वजह से फिसल गईं. इसके बाद वहां  मौजूद अफसरों ने रैंप में मिट्टी डलवाने का काम किया.

मतदान केंद्र पर दिव्यांग युवती को नहीं मिली व्हीलचेयर मतदान केंद्र पर दिव्यांग युवती को नहीं मिली व्हीलचेयर
सिद्धार्थ गुप्ता
  • बांदा,
  • 20 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:05 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में चुनाव तैयारियों की पोल उस समय खुल गई. जब एक दिव्यांग मतदाता को बूथ पर व्हीलचेयर नहीं मिली. इतना ही नहीं जब वह वोट डालने कमरे की तरफ जा रही थीं तो वह गिर गईं. मौके मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और अंदर लेकर गए. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है. युवती ने कहा कि वो इस बार बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को लकर मतदान करने आई हैं. 

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बांदा में छुटपुट घटनाओं के साथ जिले में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान चल रहा है. उसी क्रम में एक दिव्यांग महिला मतदाता शहर के बूथ में वोट डालने पहुचीं थी. जहां उन्हें व्हीलचेयर न मिलने के चलते अपनी बैसाखी से जाना पड़ा. वो रैंप पर ढलान होने की वजह से फिसल गईं. इसके बाद वहां  मौजूद अफसरों ने रैंप में मिट्टी डलवाने का काम किया.

दिव्यांग मतदाता को बूथ पर व्हीलचेयर नहीं मिली

वोटर सुमन ने बताया कि उसके और परिवार के लोगों का मतदान केंद्र अलग-अलग है. सुमन के परिवार का मतदान केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज में था उनका जिला डायट संस्थान में, जिसके चलेत उन्हें परेशानी उठानी पड़ी. सुमने बताया कि वो बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर वोट करेगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि वो  BA, MA, ITI तक पढ़ी हैं. लेकिन पेपर लीक के चलते उन्हें नौकरी नहीं मिली. 

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मतदान केंद्र पर फिसलीं दिव्यांग मतदाता

बता दें, बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 59.46 प्रतिशत वोटिंग हुई. पिछली बार से एक प्रतिशत कम मतदान हुआ. 2019 में 60.8 फीसदी वोट पड़े थे. यहां भाजपा-सपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है.

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