![झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (बाएं), दुमका से भाजपा उम्मीदवार सीता सोरेन (दाएं)। [फाइल फोटो: पीटीआई/एएनआई]](https://akm-img-a-in.tosshub.com/aajtak/images/story/202404/660e848f58c63-will-it-be-hemant-soren-vs-sister-in-law-sita-in-dumka-jmm-said-this-022927524-16x9.jpg?size=1200:675)
हेमंत सोरेन अपनी भाभी सीता सोरेन के खिलाफ दुमका से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. JMM ने दो उम्मीदवारों की सूची जारी की है. पार्टी के विधायक नलिन सोरेन दुमका से जबकि दूसरे विधायक मथुरा महतो गिरिडीह से चुनाव लड़ेंगे.
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर, JMM ने गुरुवार को दो सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने झारखंड की गिरिडीह और दुमका लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है. JMM ने दुमका लोकसभा सीट से नलिन सोरेन और गिरिडीह के लिए मथुरा प्रसाद महतो का नाम बतौर उम्मीदवार घोषित किया है. जेएमएम के दोनों ही प्रत्याशी मौजूदा दौर के विधायक हैं.नलिन सोरेन दुमका जिले के शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जेएमएम विधायक है, जबकि मथुरा प्रसाद महतो धनबाद जिले के टुंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.
हेमंत सोरेन ने दुमका सीट से नहीं लड़ेंगे चुनाव
इस लिस्ट के सामने आने के बाद जो सबसे बड़ी बात सामने आई है वह यह है कि, हेमंत सोरेन अपनी भाभी सीता सोरेन के खिलाफ दुमका से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. JMM ने दो उम्मीदवारों की सूची जारी की है. पार्टी के विधायक नलिन सोरेन दुमका से जबकि दूसरे विधायक मथुरा महतो गिरिडीह से चुनाव लड़ेंगे.
पांचवी लिस्ट में बीजेपी ने दुमका से दी थी सीता सोरेन को टिकट
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने जब 24 मार्च को उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं लिस्ट जारी की थी, तो इसमें प्रमुख तौर पर सीता सोरेन का भी नाम था. बीजेपी ने उन्हें दुमका से टिकट दी है. सीता सोरेन का नाम खास इसलिए रहा, क्योंकि वह झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की भाभी हैं. उन्होंने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा है.
जामा से विधायक हैं सीता सोरेन
बता दें कि, सीता मुर्मू उर्फ सीता सोरेन JMM प्रमुख शिबू सोरेन की बहू और दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं. सीता झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता रही हैं और झारखंड के ही जामा सीट से विधायक हैं. उन पर 2012 के राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए पैसे लेने का आरोप लगा था और वह सात महीने तक जेल में रहीं. इसके बाद से जमानत पर बाहर हैं. इसी 19 मार्च 2024 को सीता सोरेन ने पार्टी की तरफ से लगातार उपेक्षा का हवाला देते हुए झामुमो के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. सीता 2009 में विधायक चुनी गईं. उनके चुनाव के बाद, उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था. 2014 में, उन्होंने उसी निर्वाचन क्षेत्र से झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2019 में, उन्होंने झारखंड के जामा विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायकी जीती है.