
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा (Haryana) की तीन सीटों के लिए इंडियन नेशनल लोकदल ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. पार्टी के प्रधान महासचिव अभय चौटाला को कुरुक्षेत्र, सुनैना चौटाला को हिसार और गुरप्रीत सिंह को अंबाला लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है.
हरियाणा में कब होगा चुनाव?
हरियाणा की 10 सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग होनी है, जो छठे चरण में (25 मई) को होगी, जिसमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, सिरसा, हिसार, करनाल, सोनीपत, रोहतक, भिवानी-महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और फरीदाबाद की सीटें शामिल हैं.
हरियाणा का जाट किसके साथ?
हरियाणा के लोकसभा और विधानसभा चुनावों को कुछ हद तक जाट प्रभावित कर सकते हैं. फिलहाल हरियाणा में जाट बीजेपी से कुछ उखड़े-उखड़े नजर आ रहे हैं. हरियाणा में किसानों का मतलब जाट हैं. किसानों का विरोध प्रदर्शन और उस पर केंद्र सरकार ने जैसी प्रतिक्रिया दी, उसने किसानों का मुंह खट्टा कर दिया. इस कारण हरियाणा में किसान बीजेपी और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) से नाराज हैं.
बीजेपी और जेजेपी दोनों ही पार्टियों के नेताओं को अब किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी के नेता जब गांवों में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन पर किसान हमला कर रहे हैं.
सोनीपत में दहिया खाप में आने वाले 24 गांवों ने पार्टी का बहिष्कार कर दिया. सिरसा में भी इसी तरह का बहिष्कार हुआ. फतेहाबाद में बीजेपी उम्मीदवार डॉ. अशोक तंवर की रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए. 5 अप्रैल को पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को जाटों के गढ़ हिसार के नारा गांव में आने से रोक दिया गया था.
आरक्षण भी एक पेचीदा मुद्दा है. बीजेपी और जेजेपी के गठबंधन में टूट, पिछड़े वर्ग के वोटर्स पर निर्भरता और जाटों की अनदेखी के आरोपों के चलते जाट समुदाय और भगवा पार्टी के बीच दूरियां बढ़ रही हैं. खासकर ग्रामीण हरियाणा में. इससे निपटने के लिए बीजेपी स्थानीय जाट नेताओं से जुड़ने की कोशिश कर रही है.