Advertisement

Jharkhand Exit Poll Result 2024: झारखंड में एनडीए को 10 सीटों का अनुमान, 2 पर हो सकता है नुकसान

Jharkhand Exit Poll Result Live Updates: लोकसभा चुनाव के सभी चरणों का मतदान पूरा हो चुका है. आखिरी चरण की वोटिंग भी खत्म होने के बाद देशभर के लोगों को अब 4 जून का इंतजार है. जब 18वें लोकसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान होगा. लेकिन नतीजों से पहले आप आजतक पर चुनावों के सबसे सटीक एग्जिट पोल देख रहे हैं. इस खबर में हम आपको झारखंड से जुड़े एग्जिट पोल के बारे में बता रहे हैं.

झारखंड एग्जिट पोल झारखंड एग्जिट पोल
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2024,
  • अपडेटेड 1:53 AM IST

झारखंड के 14 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है. 4 जून को नतीजे आ जाएंगे. इससे पहले कहां किस सीट पर किसका दबदबा रहने वाला है. झारखंड की 14 सीटों में कौन किसके खाते में जाएगा. कहां से कौन पिछड़ रहा है और किसकी बढ़त रहेगी.  India Today Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार NDA को जहां 8 से 10 सीट वहीं INDIA गठबंधन को 4 से छह सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है.  

Advertisement

इंडिया के पक्ष में एग्जिट पोल का परिणाम

एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए का वोट शेयर 50 प्रतिशत सामने आ रहा है. वहीं इंडिया गठबंधन का वोट शेयर 41 प्रतिशत रहने की बात कही जा रही है. इस बार एनडीए को 5% वोट प्रतिशत के नुकसान की संभावना है. इसके साथ एनडीए को 8 से 10 सीटें मिल सकती है. इस तरह एनडीए को झारखंड को दो सीटों का नुकसान होता दिख रहा है.

झारखंड में 4 से 6 सीटें इंडिया ब्लॉक को मिलने के आसार जताए जा रहे हैं. एग्जिट पोल के अनुसार इंडिया ब्लॉक झारखंड में बेहतर स्थिति में दिखाई दे रही है. एक तरफ एनडीए को सीटों का नुकसान होता दिख रहा है तो कांग्रेस-जेएमएम वाली इंडिया गठबंधन बढ़त में दिख रही है. 

चौथे चरण में चार सीट पर 66.01 प्रतिशत, पांचवें चरण में तीन सीटों पर 63.21 प्रतिशत, छठे चरण में चार सीटों पर 65.39 प्रतिशत मतदान हुए. दुमका, गोड्डा, खूंटी, रांची यहां के हॉट सीट मानें जा रहे हैं. अंतिम चरण में प्रदेश के दो महत्वपूर्ण सीट दुमका और गोड्डा में वोट पड़े हैं. ऐसे में सोरेन फैमिली के झगड़े का चुनाव के नतीजों पर असर पड़ना निश्चित माना जा रहा है. 

Advertisement

झारखंड में एनडीए और इंडिया को वोट शेयर

झारखंड में पार्टियों का सीट शेयर 

 

कहां किसे कितनी सीटें मिलने का अनुमान

लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़े 

सीट             प्रत्याशी                          पार्टी     
राजमहल -     विजय कुमार हांसदा      जेएमएम
दुमका -         सुनील सोरेन               बीजेपी  
गोड्डा            निशिकांत दुबे            बीजेपी
चतरा            सुनील कुमार सिंह        बीजेपी
कोडरमा        अन्नपूर्णा देवी             बीजेपी
गिरिडीह        चंद्र प्रकाश चौधरी        आजसू
धनबाद         पशुपति नाथ सिंह        बीजेपी
रांची            संजय सेठ                    बीजेपी
जमेशदपुर        बिद्युत बरन महतो    बीजेपी
सिंहभूम          गीता कोड़ा                कांग्रेस
खूंटी                 अर्जुन मुंडा              बीजेपी
लोहरदगा        सुदर्शन भगत            बीजेपी
पलामू        विष्णु दयाल राम            बीजेपी
हजारीबाग         जयंत सिन्हा            बीजेपी

झारखंड की 14 लोकसभा सीटों पर नजर
झारखंड की 14 लोकसभा सीटों पर चार, पांच, छह और सातवें चरण में मतदान संपन्न हुई. 13 मई को चौथे चरण में सिंहभूम, खूंटी, लोहरदग्गा और पलामू सीट पर वोटिंग हुई. वहीं पांचवे चरण में 20 मई को तीन सीट चतरा, कोडरमा और हजारीबाग पर मतदान हुआ. छठे चरण में 25 मई को रांची, धनबाद, जमशेदपुर और गिरिडीह सीट के लिए वोटिंग हुई. आखिर में सातवें चरण में 1 जून को गोड्डा, दुमका और राजमहल में वोटिंग संपन्न हुई.

Advertisement

अब चार जून का इंतजार
झारखंड के 14 सीटों के लिए वोटिंग संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल भी आ गए हैं. अब लोगों को अंतिम फैसले का इंतजार है. क्योंकि दुमका, गोड्डा, खूंटी और रांची जैसे सीटों पर फैसले सूबे की सियासी दिशा-दशा भी निर्धारित कर सकती है. दुमका लोकसभा क्षेत्र जो कि जेएमएम का गढ़ माना जाता है. यहां इस बार यहां शिबू सोरेन के परिवार के अंदर झगड़े का असर शुरू से ही दिखाई दे रहा है. 

यहां से एक तरफ जहां खुद शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन बीजेपी की प्रत्याशी के रूप में परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल रखी हैं. वहीं दूसरी तरफ पहली बार ऐसा हुआ है कि जेएमएम ने सोरेन परिवार से बाहर का कोई प्रत्याशी बना हो. जेएमएम ने इस बार दिशोम गुरु के खासम खास नलिन सोरेन को प्रत्याशी बनाया है. 

इस वजह से जेएमएम से अलग हुई सीता सोरेन
हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद सीएम के रूप में कल्पना सोरेन का नाम सामने आने पर सीता सोरेन ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी और बड़ी बहू होने के नाते इस पद के लिए खुद को दावेदार बताया. तब ऐसा विवाद सामने आने पर चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया और हेमंत के छोटे भाई बसंत सोरेन को कैबिनेट में जगह दी गई. वहीं सीता सोरेन को कुछ नहीं मिला. इसके बाद सीता सोरेन ने खुलकार परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जेएमएम से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो गई.

Advertisement

गोड्डा सीट से बदले गए कांग्रेस के प्रत्याशी
वहीं गोड्डा सीट से भी इंडिया गठबंधन ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में अपने प्रत्याशी की घोषणा की. निशिकांत दुबे के खिलाफ कांग्रेस ने पहले दीपिका पांडेय सिंह को उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन अब पार्टी ने प्रत्याशी बदल दिया है. बाद में पार्टी ने प्रदीप यादव को मैदान उतार दिया. निशिकांत दुबे बीजेपी के टिकट पर लगातार चौथी बार गोड्डा सीट से चुनाव मैदान में हैं. 

रांची से मंझे हुए संजय सेठ के सामने सियासी डेब्यू करने वाली यशस्विनी
दूसरी तरफ राजधानी रांची की बात करें, तो यहां से बीजेपी के मौजूदा सांसद संजय सेठ प्रत्याशी हैं. दूसरी तरफ इंडिया ब्लॉक की तरफ से कांग्रेस ने पूर्व सांसद रह चुके सुबोधकांत सहाय की बेटी यशस्विनी सहाय को टिकट दिया है. यशस्विनी सहाय का यह सियासी डेब्यू है. उन्हें यह कहकर मौका दिया गया कि उनके पिता स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. यही कारण है कि इस बार रांची के जनादेश पर सबकी नजर बनी हुई है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement