
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा के क्लीन स्वीप किया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की, अभिनेत्री कंगना रनौत और राजीव भारद्वाज ने मंडी और कांगड़ा सीटों से अपना पहला चुनाव लड़कर जीता, जबकि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने शिमला सीट बरकरार रखी. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी के राम स्वरूप शर्मा ने बाजी मारी थी. विपक्षी पार्टी से उनका अंतर काफी बड़ा था. इससे पहले हुए 2014 के चुनावों में भी राम स्वरूप शर्मा ने ही मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी. इस बार भाजपा ने यहां से बॉलीवुड की क्वीन कही जाने वाली कंगना रनौत को टिकट दिया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मौजूदा सांसद के बेटे विक्रमादित्य सिंह को टिकट दिया था. बीएसपी ने भी यहां से प्रकाश चंद भारद्वाज को उतारा.
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में कांगड़ा में जीत का अंतर 4,77,623, मंडी में 4,05,559, हमीरपुर में 3,99,572 और शिमला (एससी) में 3,27,515 था, जो घटकर कांगड़ा में 2,51,895, मंडी में 7,4755, हमीरपुर में 1,82,357 और शिमला में 9,14,51 रह गया. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा का वोट शेयर 2019 के लोकसभा चुनावों में 69.71 प्रतिशत से घटकर 2024 में 56.44 प्रतिशत हो गया, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 23.53 प्रतिशत से बढ़कर 41.67 प्रतिशत हो गया.
उपचुनाव में कांग्रेस ने चार विधानसभा सीटें भी जीतीं
कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 जून को चार लोकसभा सीटों के साथ-साथ एक साथ हुए छह विधानसभा चुनावों में से चार में जीत हासिल की. कांग्रेस ने गगरेट, कुटलैहड़, सुजानपुर और लाहौल और स्पीति सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने धर्मशाला और बड़सर विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की. बजट के दौरान कांग्रेस शासित राज्य सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद छह विधानसभा सीटें खाली हो गई थीं. छह बागी विधायकों ने 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया, बाद में भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से मैदान में उतारा.