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चारपाई पर बैठकर नामांकन भरने पहुंचा प्रत्याशी, बोला- जड़ से खत्म कर दूंगा सभी समस्याएं

बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी महेश बांडो चारपाई पर बैठकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपना पर्चा दाखिल किया. नामांकन दाखिल करने के बाद महेश बांडो ने कहा कि वो चतरा की समस्याओं को लेकर वो चुनावी मैदान पर उतरे हैं. इस लोकसभा क्षेत्र में कई समस्याएं है और उन्हें जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है.

चारपाई पर बैठकर नामांकन भरने पहुंचे महेश बांडो चारपाई पर बैठकर नामांकन भरने पहुंचे महेश बांडो
सत्यजीत कुमार
  • चतरा ,
  • 03 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने आ रहे प्रत्याशियों का अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है. वोट पाने की उम्मीद में उम्मीदवार तरह-तरह से जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. झारखंड के चतरा से एक ऐसे ही उम्मीदवार का वीडियो सामने आया है. जहां बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी महेश बांडो चारपाई पर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपना पर्चा दाखिल किया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

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नामांकन दाखिल करने के बाद महेश बांडो ने कहा कि चतरा की समस्याओं को लेकर वो चुनाव लड़ने के लिए मैदान पर उतरे हैं. इस लोकसभा क्षेत्र में कई समस्याएं है और उन्हें जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है. टंडवा, बरकागांव या कोलियरी का इलाका हो. यहां की सड़के खस्ता हाल हैं, चतरा में अभी भारतमाला सड़क परियोजना आई हुई है. जिसके चलते जिला के 67 गांव प्रभावित हो रहे हैं. फील्ड फाइरिंग रेंज से 321 गांव प्रभावित हैं. 

खटिया लेकर नामांकन भरने पहुंचा प्रत्याशी 

इसके अलावा महेश ने कहा कि खटिया उनका चुनावी चिन्ह है. क्योंकि हम खटिया पर पैदा होता हैं, खटिया पर खेलते हैं और खटिया पर ही मरते हैं. इस खटिया बेहद महत्वपूर्ण है. जनता से उन्हें प्यार मिल रहा है अगर वो इस चुनाव में जीत जाते हैं तो सभी समस्याएं जड़ से खत्म हो जाएंगी. 

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महेश बांडो ने समस्याओं को जड़ से खत्म करने का वादा किया

बता दें, चतरा लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ों, आदिवासियों और दलित मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा है. ओबीसी समाज के लोगों के द्वारा दावा किया जाता है कि पूरे संसदीय क्षेत्र में ओबीसी की संख्या लगभग 50% है. परंतु इसमें कोई दो राय नहीं है कि ओबीसी मतदाताओं की संख्या 35% से कम हो. वहीं क्षेत्र में आदिवासी समाज के मतदाताओं की संख्या भी 28 प्रतिशत मानी जा रही है.

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