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बंगाल-पंजाब में मिलेगा चैलेंज, बिहार में स्ट्राइकरेट बनाए रखना जरूरी... आखिरी चरण में BJP के सामने बड़ी चुनौती

आखिरी दौर में पूर्वांचल की 13 सीटों पर मुकाबला है. पीएम मोदी की वाराणसी सीट पर भी मतदान होना है. इन सारी सीटों पर एनडीए मजबूत है फिर भी बीजेपी कोई कोर-कसर नहीं छो़ड़ रही. पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसी दौर में बिहार की आठ सीटों पर भी वोटिंग होगी.

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग 1 जून को होनी है लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग 1 जून को होनी है
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:35 PM IST

लोकसभा चुनाव अब आखिरी चरण में है. सात में छह चरणों की वोटिंग हो चुकी है, अब बाकी है केवल 1 जून का आखिरी रण. इसके बाद 3 दिनों का इंतजार फिर 4 जून की तारीख, जब न सिर्फ ईवीएम में कैद सांसदों के भाग्य का पिटारा खुलेगा, बल्कि ये भी तय होगा कि जनता की अदालत ने लोकतंत्र की सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठने का जनादेश किसके पक्ष में दिया है. छह चरण के चुनावों को देखते हुए नतीजों पर कई तरह की राय बन रही है. 

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नतीजों पर क्या कहते हैं चुनावी विश्लेषक
नतीजों से पहले चुनावी विश्लेषकों की राय बंटी हुई हैं, ज्यादातर चुनावी विश्लेषक मानते हैं कि पीएम मोदी को तीसरी बार मौका मिल सकता है, लेकिन सवाल सीटों पर आकर अटक जाता है. यानी अबकी बार एनडीए 400 पार जाएगा, या फिर 272 के नीचे लुढ़क जाएगा. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर मानते हैं कि अबकी बार बीजेपी 303 के पार जाएगी. संजय कुमार की राय है कि एनडीए की वापसी होगी लेकिन आंकड़ा 272 के करीब रहेगा, वहीं कांग्रेस से जुड़े चुनावी विश्लेषक योगेंद्र यादव मानते हैं कि बीजेपी अकेले दम पर सरकार नहीं बना पाएगी. आखिर चुनावी विश्लेषकों की राय के पीछे की गणित क्या है?

चुनावी विश्लेषको की मानें तो एनडीए की वापसी हो सकती है, यानी मोदी तीसरी बार पीएम बन सकते हैं. अभी एक चरण के चुनाव बाकी है,सातवें चरण के चुनाव में बीजेपी की सीटें बढ़ेगी या घटेगी, समझिए

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आखिरी चरण में वाराणसी में भी चुनाव
आखिरी दौर में पूर्वांचल की 13 सीटों पर मुकाबला है. पीएम मोदी की वाराणसी सीट पर भी मतदान होना है. इन सारी सीटों पर एनडीए मजबूत है फिर भी बीजेपी कोई कोर-कसर नहीं छो़ड़ रही. पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसी दौर में बिहार की आठ सीटों पर भी वोटिंग होगी. हालांकि पिछली बार इन आठों सीटों पर एनडीए को जीत मिली थी, लेकिन इस बार इंडिया गठबंधन को स्कोप नजर आ रहा है. 

यूपी की 13 सीटों पर भी पूरा जोर
आखिरी दौर में यूपी की 13 सीटों पर दोनों ओर से पूरा जोर लगाया जा रहा है. जीत के अपने अपने दावे किए जा रहे हैं. आखिरी दौर में सात राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश की 57 सीटों पर मतदान होगा. जिसमें 29 सीटों पर एनडीए मजबूत है. बाकी की सीटों पर इंडिया गठबंधन.

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2019 में बिहार की आठों सीटों पर हुई थी NDA की जीत
2019 में बिहार की 8 में से 8 सीटों पर NDA की जीत हुई थी, वहीं हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें भी NDA के खाते में गई थी. झारखंड की 3 सीटों में से 2 एनडीए के पास थीं, जबकि यूपी की 13 में से 11 सीटें एनडीए के पास थीं. वहीं चंडीगढ़ की 1 सीट पर BJP को जीत हासिल हुई थी. पश्चिम बंगाल की 9 की 9 सीटों पर NDA की हार हुई थी, वहीं पंजाब की 11 सीटें विपक्षी पार्टियों के पास हैं. ओडिशा की 6 में से 4 सीटें विपक्ष के पास हैं.

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दिलचस्प मोड़ पर है चुनावी मुकाबला
चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर है. 486 सीटों पर मतदान खत्म हो चुका है, यानी करीब 90 फीसदी चुनाव खत्म हो चुका है. आखिरी दौर के मतदान के लिए चुनाव प्रचार थमने में 3 दिन बाकी है. 1 जून को वोटिंग होगी लेकिन उससे पहले सियासी घमासान जबरदस्त है. सातवें चरण में कुल 57 सीटों के लिए वोटिंग होगी, लेकिन सातवां चरण बीजेपी के लिए बहुत अहम हैं. सातवें चरण की 57 सीटों पर बीजेपी का कड़ा और बड़ा इम्तिहान है, क्योंकि चाहे पंजाब हो, ओडिशा हो या फिर बंगाल, इन तीन राज्यों में 2019 के चुनाव में BJP का प्रदर्शन खराब था.

सातवें चरण में कुल 57 सीटों पर होनी है वोटिंग
एक जून को सातवें चरण के साथ मतदान पूरा हो जाएगा. सातवें चरण की कुल 57 सीटों में बिहार की आठ सीटें, हिमाचल की 4 सीटें, झारखंड की 3 सीटें, ओडिशा की 6 सीटें, पंजाब की 13 सीटें, यूपी की 13 सीटें, बंगाल की 9, चंडीगढ़ की एक सीट पर वोटिंग होगी. आकड़ों को देखें, तो बिहार की जिन आठ सीटों पर वोटिंग बाकी है, सभी सीटों पर एनडीए की जीत हुई थी, मतलब बीते चुनाव में एनडीए का स्ट्राइक रेट 100 फीसदी था. लेकिन अबकी बार क्या होगा, ये चार जून को पता चलेगा.

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बिहार, झारखंड, यूपी-हिमांचल... 2019 में कैसा था NDA का प्रदर्शन
चाहे बिहार हो, झारखंड हो, यूपी हो, हिमांचल प्रदेश हो, इन सभी राज्यों में एनडीए का प्रदर्शन बीते चुनाव में शानदार था, हालांकि यूपी में कांग्रेस और समजवादी पार्टी के गठबंधन से एनडीए को चुनौती मिल रही है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की कठिन परीक्षा पंजाब, ओडिशा और बंगाल में है. पश्चिम बंगाल में सातंवे चरण में 9सीटों पर वोटिंग होनी है. 2019 में सभी 9 सीटों पर TMC जीती थी. यानी बीजेपी का स्ट्राइक रेट जीरो था जबकि टीएमसी का 100 फीसदी. ये सभी सीटें कोलकाता के आसपास की सीटे हैं, जो शहरी इलाका है. उत्तर भारत के राज्यों में बीजेपी को शहरों में ज्यादा वोट मिलते हैं, लेकिन बंगाल के शहरी इलाकों में BJP हारती है, ग्रामीण में जीतती है, इस बार टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है. 

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पंजाब में बीजेपी के लिए कड़ी परीक्षा
ठीक ऐसे ही पंजाब में बीजेपी का बड़ा और कड़ा इम्तिहान है. पंजाब में बीजेपी का अकाली दल से गठबंधन था, एनडीए को 13 में से 4 सीटों पर जीत मिली थी, 2 सीट पर अकाली और 2 पर बीजेपी जीती थी. अबकी बार किसान आंदोलन के चलते अकाली दल एनडीए का हिस्सा नहीं है, वो अकेले चुनाव लड़ रही है. यानी 28 साल बाद बीजेपी अकेले चुनाव लड़ रही है, बीजेपी की चुनावी लड़ाई, आम आदमी पार्टी ,कांग्रेस और अकाली दल से है. पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है लिहाजा सीधी टक्कर आप से है.

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1 जून को ओडिशा की 6 सीटों पर वोटिंग
अगर बात ओडिशा की करें तो, सातवें चरण में बीजेपी के सामने मुश्किल सीटें है. एक जून को ओडिशा की 6 सीटों पर मतदान होना है, 2019 में बीजेडी ने 4 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी के खाते में सिर्फ दो सीटें आई थीं. इस बार बीजेपी को ओडिशा से काफी उम्मीद है. 

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