
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद दिल्ली में सियासी फिजा पूरी तरह से बदल गई है. नई दिल्ली के जिस इलाके से दिल्ली के मुख्यमंत्री विधायक हैं. साल 2014 से लगातार दो बार नई दिल्ली लोकसभा सीट भाजपा के पाले मे गई, तो वहीं साल 2015 से इलाके की सभी 10 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है.
नई दिल्ली लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद मीनाक्षी लेखी का टिकट काटकर बीजेपी युवा चेहरे के तौर पर बांसुरी स्वराज को उतारकर एक बड़ा दांव चला है. वहीं आम आदमी पार्टी ने अनुभवी सोमनाथ भारती को ही अपना प्रत्याशी बनाया है. नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के 10 विधानसभा में सीट पर आम आदमी पार्टी हर बार प्रचंड बहुमत हासिल कर रही है. वहीं लोकसभा चुनाव में भाजपा सातों सीटों पर पटखनी देकर चौंका देती है.
केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद क्या बदला?
आप के नई दिल्ली सीट से लोक सभा के प्रत्याशी सोमनाथ भारती का दावा है कि 21 मार्च को केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जनता का मूड बदल गया. भारती कहते हैं यह साधारण चुनाव नहीं है. अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद सीधा लोकतंत्र बचाने का चुनाव बन गया है. संविधान बचाने का चुनाव बन गया है. सोमनाथ का दावा है कि पूरा देश आज गुस्से में है.
सोमनाथ का कहना है कि जिसने बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा शुरू की, रामेश्वरम में लोगों को मुफ्त भेजा, मोहल्ला क्लीनिक खोलकर नुक्कड़ पर एमबीबीएस डॉक्टर दिया, मुफ्त बिजली और पानी दिया. पहली बार टैक्सपेयर का पैसा जनता के बीच में पहुंचा दिया. उसको मोदी ने जेल में डाला. आरोप है कि मोदी ने 13 लाख करोड़ क्रॉनि कैपिटल को माफ किया.
10 सांसद बनाम 10 विधायकों का काम
इस विधानसभा में 10 विधायक आम आदमी पार्टी के हैं. 25 पार्षदों में से 20 पार्षद आम आदमी पार्टी के हैं. इसलिए नई दिल्ली इलाके में अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता का अंदाजा लगता है. नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में 25 वार्ड है. इसमें से 20 में आप और पांच में भाजपा के पार्षद हैं. 10 साल से नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की 10 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है.
बीजेपी पर परिवारवाद का आरोप
आप पार्टी ने बीजेपी के मौजूदा MP मिनाक्षी लेखी को बदलने को बीजेपी की घबराहट बताया. सोमनाथ भारती का कहना है कि बिहार और तेलंगाना में मोदी ने कहा परिवारवाद को वोट मत देना. यहां पर एक ऐसे व्यक्ति को (बांसुरी स्वराज) टिकट दिया जो परिवार वाद का प्रतीक है. आरोप लगाया कि ललित मोदी जैसे भगोड़े को भाजपा की प्रत्याशी ने भगाया है? क्या ऐसे व्यक्ति पर जनता ट्रस्ट करेगी?
मूल रूप से बिहार के निवासी है
बिहार में नवादा जिले के हिसुआ कस्बे से आने वाले सोमनाथ भारती ने दिल्ली से IIT किया. शुरुआती दिनों में भारती ने खर्च चलाने के लिए स्टूडेंट को ट्यूशन और कोचिंग क्लासेस भी दी. करीब 2010 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बड़े समर्थक के रूप में सामने आए और साल 2013 में विधायक भी बन गए. लॉ मिनिस्टर भी रहे. पूर्व कानून प्रशासनिक सुधार कला और संस्कृति मंत्री भी रह चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट में करते थे प्रैक्टिस
सोमनाथ भारती मौजूदा वक्त में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं. इसके अलावा सोमनाथ भारती तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में आप के प्रभारी हैं. आईआईटी दिल्ली अल्युमिनाई संगठन के पूर्व अध्यक्ष और सीनेट के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं. सोमनाथ भारती ने 1997 में आईआईटी दिल्ली से एमएससी की डिग्री हासिल की. फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री लेकर दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की. दादा में भूमि और विकास को नियंत्रित करने वाले बोर्ड के सदस्य भी रहे.
बांसुरी ने की है केजरीवाल से इस्तीफे की मांग
21 मार्च को दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ही बीजेपी नेता और नई दिल्ली लोक सभा सीट से प्रत्याशी बांसुरी स्वराज आप पर हमलावर हैं. उन्होंने केजरीवाल का इस्तीफा मांगा है. बांसुरी राजनीति में भले ही डेब्यू कर रही हैं, लेकिन लीगल एरिना में उनको 15 सालों का अनुभव है. करीब 25 साल पहले बांसुरी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का ज्वाइन किया था. लंदन के बीपीपी स्कूल से Law की पढ़ाई की और ऑक्सफोर्ड से मास्टर डिग्री ली है.
अनुभवी सोमनाथ के सामने युवा चेहरा
आपको बता दें कि इस क्षेत्र में 20 के करीब आप पार्षद हैं. जिसे आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी ताकत मान रही है. हालांकि, यहां से बीजेपी के पांच पार्षद मौजूदा वक्त में है. बीजेपी को लगता है कि मोदी के नाम पर वोट पड़ने का ट्रेंड इस बार भी कायम रहेगा. यही वजह है कि अनुभवी सोमनाथ भारती के आमने बांसुरी स्वराज जैसे युवा चेहरे को उतर गया है.