
उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन मंगलवार को एक मीटिंग के दौरान शिवपाल की जगह उनके बेटे आदित्य यादव को चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव पास हुआ. इसको लेकर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चाचा शिवपाल यादव के साथ काम करने में हिचक होती, लेकिन भाई के लिए और ज्यादा मेहनत करेंगे.
संभल के बबराला में समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ था. यह इलाका बदायूं लोकसभा क्षेत्र में आता है. यहां शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की मौजूदगी में आदित्य यादव को प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास भेज दिया गया है.
इस पर बदायूं के पूर्व सांसद और शिवपाल यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव ने कहा, "अखिलेश का जो भी पार्टी का फैसला होगा. मुझे तो और भी खुशी होगी. चाचा के साथ काम करने में थोड़ा-सा एक हिचक होती. आदित्य के लिए और थोड़ा ज्यादा काम करेंगे. बदायूं में पार्टी ऐतिहासिक वोटों से जीतेगी."
उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. इसलिए अपने कार्यकर्ताओं को सजग कर रहा हूं. 2019 में बदायूं में जो हार हुई वो स्वाभाविक हार नहीं थी. बेईमानी से हराया गया है और बीजेपी बेईमानी से जीती थी.
विपक्ष के साथ षड़यंत्र कर रही बीजेपी: धर्मेंद्र
वहीं जब धर्मेंद्र यादव से पूछा गया कि बीजेपी 400 पार का नारा दे रही है तो इस पर उन्होंने कहा कि बीजेपी से कहो कि पहले पुराने नारे पूरा करे. रोजगार, किसानों की आमदनी, महंगाई कम करने के नारे पूरा करे. जनता हर दिन नए नारे नहीं सुनना चाहती है. जनता काम देखना चाहती है. समाजवादी पार्टी और पूरे विपक्ष के साथ बीजेपी के लोग षड़यंत्र कर रहे हैं, लेकिन हर षड़यंत्र का जवाब बीजेपी देगी.
बदायूं से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे शिवपाल!
इससे पहले जब समाजवादी पार्टी ने शिवपाल को बदायूं से टिकट दिया था, उसके बाद भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वो बदायूं जाने के लिए खुश नहीं हैं और इसीलिए उन्होंने बदायूं में काफी दिनों बाद अपना चुनाव-प्रचार शुरू किया था. कहा जा रहा था कि शिवपाल आजमगढ़ से चुनाव लड़ना चाहते थे. हालांकि बाद में शिवपाल ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया था.