
कांग्रेस ने मणिपुर में 47 पोलिंग स्टेशन पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है. चुनाव के दौरान गोलीबारी, कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम को नुकसान पहुंचाने और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद पार्टी की तरफ से यह मांग की गई है. इन घटनाओं की वजह से राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने पहले ही छह पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान के लिए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी थी और दोबारा मतदान की अपील की थी.
मणिपुर में 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ और इनर और आउटर मणिपुर में 68 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मेघचंद्र ने कहा कि मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई गई है और इनर मणिपुर के 36 और आउटर मणिपुर के 11 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान की मांग की है.
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सीएम के विधानसभा क्षेत्र में भी दोबारा वोटिंग होगी
मेघचंद्र थौबल जिले की वांगखेम विधानसभा सीट से मौजूदा कांग्रेस विधायक हैं. उन्होंने आगे कहा, "एजेंट मतदान केंद्रों के अंदर नहीं बैठ सकते हैं और जो मतदाता कांग्रेस पार्टी के समर्थक हैं, वे अलग-अलग मतदान केंद्रों पर मतदान नहीं कर सकते हैं." मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के विधानसभा क्षेत्र हिंगांग में पड़ने वाले तीन मतदान केंद्रों पर भी दोबारा मतदान की मांग की गई है.
इनर मणिपुर के 36 मतदान केंद्रों में एंड्रो और यैस्कुल विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक बूथ, कोन्थौजम विधानसभा क्षेत्र में दो, हेइंगंग, खुरई, ओइनम और मोइरांग विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन, क्षेत्रीगाओ विधानसभा क्षेत्र में चार, थोंगजू और सेकमाई विधानसभा में पांच-पांच और केइराओ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में छह बूथ शामिल हैं. इनके अलावा आउटर मणिपुर में 11 मतदान केंद्र सुगनू विधानसभा क्षेत्र के तहत आते हैं.
इंफाल में छह सीटों पर दोबारा मतदान की अपील
इनर मणिपुर संसदीय क्षेत्र में हिंसा, दंगों और बर्बरता के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने छह मतदान केंद्रों पर नए सिरे से चुनाव कराने को लेकर ईसीआई को चिट्ठी लिखी है. चुनाव आयोग के सेक्रेटरी को लिखी चिट्ठी में मणिपुर निर्वाचन अधिकारी ने तमाम घटनाओं के बारे में बताया था.
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चिट्ठी में इंफाल पूर्व में दो मतदान केंद्रों की घटनाओं का हवाला दिया गया, जहां भीड़ ने हिंसा और दंगा किया था. इनके अलावा इंफाल पश्चिम में चार मतदान केंद्रों पर भी भीड़ ने ईवीएम, सीयू, बीयू और वीवीपीएटी मशीनों को नष्ट कर दिया गया था, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ और इसलिए यहां दोबारा मतदान की बात कही थी.