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अजित पवार की NCP ने लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र किया जारी, यशवंतराव चव्हाण के लिए 'भारत रत्न' की मांग करेगी पार्टी

घोषणापत्र में एनसीपी ने यह सुनिश्चित किया है कि वह महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के लिए 'भारत रत्न' की मांग करेगी. दिलचस्प बात यह है कि अजित पवार कहते हैं कि भले ही हम महायुति में शामिल हो गए हैं, लेकिन हमने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी है. हम मिसाल के तौर पर मायावती, ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, जयललिता और फारूक अब्दुल्ला को देख सकते हैं.

फाइल फोटो फाइल फोटो
ऋत्तिक मंडल
  • मुंबई,
  • 22 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

NCP अजित पवार खेमा ने एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डिप्टी सीएम अजित पवार की मौजूदगी में लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया. एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उनके घोषणापत्र का एजेंडा समावेशी और प्रगतिशील विकास पर आधारित है. पटेल ने कहा कि उन्होंने एनडीए के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन से हाथ मिलाया है, लेकिन आंबेडकर की अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया है.

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कांग्रेस के साथ पिछले गठबंधन में अधिक सीटें जीतने के बाद भी अजित पवार को मुख्यमंत्री पद नहीं मिला. अपने घोषणापत्र में एनसीपी ने यह सुनिश्चित किया है कि वह महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के लिए 'भारत रत्न' की मांग करेगी.

दिलचस्प बात यह है कि अजित पवार कहते हैं कि भले ही हम महायुति में शामिल हो गए हैं, लेकिन हमने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी है. हम मिसाल के तौर पर मायावती, ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, जयललिता और फारूक अब्दुल्ला को देख सकते हैं. मुस्लिम समुदाय पर पीएम मोदी के बयान पर विवाद के बाद एनसीपी नेताओं के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

महाराष्ट्र में किसी एक पार्टी को क्यों नहीं मिलता बहुमत?
हाल में अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति की रियलिटी आजतक के साथ बातचीत में सामने रखने की कोशिश की. उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र ने 1985 के बाद राजनैतिक रूप से ऐसी स्थिति कभी नहीं बनने दी, जिसकी वजह से किसी एक पार्टी या किसी एक नेता की पूरे राज्य में चले या वे अपने बलबूते सरकार बना ले.

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उनसे पूछा गया था कि जिस तरीके से नीतीश कुमार, मायावती, अखिलेश, जयललिता, स्टालिन, केजरीवाल इन लोगों ने अपने बलबूते पर अपने प्रांतों या राज्यों में सरकारें बनाई. उस तरीके से महाराष्ट्र में क्या यहां की राजनीतिक पार्टियां विपक्ष के रूप में काम करने में सक्षम नहीं है, जिसकी वजह से महाराष्ट्र में किसी एक पार्टी की सरकार नहीं बन पाई? इस पर अजित पवार का कहना था कि महाराष्ट्र का वोटर अलग तरीके से सोचता है. महाराष्ट्र में हर इलाका अलग तरीके से सोचता है, जिसकी वजह से किसी एक पार्टी की सरकार अब तक नहीं बन पाई है. एक तरीके से उनकी तरफ से ये मैसेज देने की कोशिश की जा रही है. ये बीजेपी के साथ जाने में उनकी भूमिका को एक्सप्लेन करने की कोशिश है, जिसे महाराष्ट्र की पॉलिटिकल रियलिटी के आधार पर पेश कर रहे हैं.

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