
केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण में वोटिंग होनी है. यहां चुनाव प्रचार जोरों पर हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि उनकी परेशानियों और समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. वोटिंग से ठीक कुछ दिन पहले एंड्रोथ में महिला वोटर्स से यहां द्वीप पर स्त्री रोग विशेषज्ञों की मांग उठाई है. साथ ही द्वीपसमूह में स्थानीय लोगों और टूरिस्ट मेहमानों के लिए बेहतर परिवहन सेवाओं की भी मांग की है. एंड्रोथ एरिया के हिसाब से लक्षद्वीप में सबसे बड़ा द्वीप है. साथ ही यह यहां का एकमात्र द्वीप है, जो पूर्व से पश्चिम की ओर स्थित है.
न्यूज एजेंसी से बातचीत में स्थानीय निवासी शमीमा कमाल ने कहा, हमें लक्षद्वीप में स्त्री रोग विशेषज्ञों की जरूरत है. जब भी हमें अपने इलाज की जरूरत होती है तो अन्य द्वीपों से बुलाया जाता है. उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि लक्षद्वीप में गाइनाकोलॉजिस्ट मिलना बहुत जरूरी है. अभी गाइनाकोलॉजिस्ट का कुछ काम हो तो दूसरे आइलैंड (द्वीप) से बुलाना पड़ता है. मेरे हिसाब से स्थायी तौर पर लक्षद्वीप में गाइनाकोलॉजिस्ट होना चाहिए. जब हमें दूसरे आइलैंड जाना होता है तो आसानी से टिकट नहीं मिलती है. ये भी हमारा हक है. हमें स्थायी तौर पर बोट और टिकट दिए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए.
'दूसरे द्वीप जाने में आती है कठिनाई'
शमीमा ने आगे कहा, अभी एक आइलैंड से दूसरे आइलैंड जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हमारे खुद के आइलैंड में व्यवस्थाएं नहीं होती हैं तो मुश्किलें झेलनी पड़ती है. हम चाहते हैं कि हमारे आइलैंड में ही सारी व्यवस्थाएं की जानी चाहिए. उन्होंने आवागमन के संबंध में भी व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की.
'टिकट की व्यवस्था होनी चाहिए आसान'
शमीमा ने कहा, हमें बोट के साथ-साथ टिकट हासिल करने की आसान व्यवस्थाओं की जरूरत है. जरूरत पड़ने पर हमें अक्सर एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक यात्रा करने में कठिनाई होती है. हमें अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर दूसरे द्वीपों की यात्रा करनी पड़ती है.
'प्राइवेट सेक्टर में नौकरी चाहती हैं महिलाएं'
एंड्रोथ की एक अन्य महिला नौरीन शाहाना ने कहा, स्थानीय महिलाएं भी नौकरियां चाहती हैं, खासकर प्राइवेट सेक्टर में काम करने की इच्छुक होती हैं. परिवहन हमारे लिए एक प्रमुख मुद्दा है. हम शायद ही कभी यात्रा के लिए समय पर टिकट प्राप्त कर पाते हैं. यदि हमें दूसरे द्वीप जाना होता है तो हमें कई बाधाओं को दूर करना पड़ता है. हमें और अधिक नौकरियों की भी जरूरत है. खासकर यहां निजी सेक्टर में वैकेंसी बहुत कम हैं. इसलिए निजी क्षेत्र में भी रोजगार के और रास्ते खुलने चाहिए.
'अच्छे अस्पताल और व्यवस्थाएं मिलना चाहिए'
एंड्रोथ में ही रहने वालीं सीना ने कहा, एक बेहतर व्यवस्थाओं से लैस अस्पताल होना चाहिए, जहां महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी परामर्श और इलाज मिल सके. साथ ही द्वीप समूह में स्थानीय लोगों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिक डॉक्टर भी हों. सीना ने कहा, हमें अच्छे अस्पतालों के साथ-साथ डॉक्टरों की भी जरूरत है. शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए. हमें अधिक स्कूलों के साथ-साथ शिक्षकों की भी जरूरत है.
बताते चलें कि द्वीपों में अनुमानित 57,574 मतदाता हैं, जिनमें से 28,442 महिलाएं हैं. मतदाताओं की संख्या के हिसाब से लक्षद्वीप देश का सबसे छोटा लोकसभा क्षेत्र है. यहां से एक मात्र लोकसभा सांसद चुना जाता है.
'लक्षद्वीप में त्रिकोणीय मुकाबला'
केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में आम चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा. यहां चुनाव में एनसीपी (शरदचंद्र पवार), कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा. अजित पवार गुट को बीजेपी (एनडीए) का समर्थन हासिल है.
'शरद पवार गुट ने जीता था 2019 का चुनाव'
मौजूदा लोकसभा सदस्य एनसीपी के मोहम्मद फैजल पदीपुरा (शरदचंद्र पवार) का इस बार कांग्रेस के मुहम्मद हमदुल्ला सईद और अजित पवार गुट के उम्मीदवार एनसीपी के यूसुफ टीपी से मुकाबला हो रहा है. 2019 के चुनाव में मोहम्मद फैजल पदीपुरा ने 22,851 वोट हासिल करके जीत हासिल की थी. कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में 22028 वोट पड़े थे.