
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आज जारी हो गए हैं. सबकी निगाहें यूपी की रायबरेली सीट पर टिकी थीं. यहां से कांग्रेस के राहुल गांधी मैदान में थे. उनके सामने बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह ताल ठोंक रहे थे. दिनेश प्रताप सूबे की योगी सरकार में मंत्री भी हैं. 2019 के चुनाव में उन्हें रायबरेली में सोनिया गांधी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी. लेकिन इस बार उनका मुकाबला राहुल से था, जो मां सोनिया गांधी की सीट से चुनाव लड़ रहे थे. हालांकि, दिनेश को इस बार भी हार का मुंह देखना पड़ा.
रायबरेली का रिजल्ट
रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ी जीत दर्ज की है. उन्हें 687649 वोट मिले. वहीं, उनके निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह को 297619 मत प्राप्त हुए. इस तरह राहुल गांधी ने 390030 वोटों से विजय हासिल की. तीसरे नंबर पर बसपा के ठाकुर प्रसाद यादव रहे, जिन्हें 21624 वोट हासिल हुए.
नतीजों से पहले BJP प्रत्याशी ने मानी हार
राहुल की भारी भरकम बढ़त को देख चुनाव के नतीजे आने से पहले ही दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी हार मान ली थी. दिनेश प्रताप ने हार स्वीकार कर रायबरेली वासियों से माफी मांगी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ये पोस्ट किया.
20 मई को हुआ था मतदान
बता दें कि रायबरेली सीट पर पांचवें चरण में 20 मई को मतदान हुआ था. यहां नॉमिनेशन के अंतिम समय कांग्रेस ने राहुल की उम्मीदवारी का ऐलान किया था. 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस यूपी से केवल रायबरेली लोकसभा सीट ही जीत सकी थी. ऐसे में 2024 के आम चुनाव में राहुल गांधी के सामने यूपी में गांधी परिवार का अंतिम किला बचाने की चुनौती थी. जिसे उन्होंने बखूबी बचा लिया, साथ ही शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया.
कांग्रेस का गढ़ माना जाता है रायबरेली
गौरतलब है कि रायबरेली वो सीट है, जो 2014 की मोदी लहर में भी कांग्रेस नहीं हारी. इतना ही नहीं, 2019 के चुनाव में भी जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया और यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस सिर्फ इसी सीट पर चुनाव जीती थी. रायबरेली के 72 साल के इतिहास में 66 साल यहां से कांग्रेस के सांसद रहे हैं.
देश के पहले लोकसभा चुनाव में फिरोज गांधी रायबरेली से लड़े थे. रायबरेली सीट नेहरू-गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है. इस सीट से फिरोज गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू और सोनिया गांधी तक संसद पहुंचते रहे हैं. अब सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा जा चुकी हैं और इस बार राहुल गांधी रायबरेली सीट से उम्मीदवार हैं.