
दिल्ली सरकार में मंत्री रहे राजकुमार आनंद ने अचानक बहुजन समाज पार्टी में एंट्री ले ली है. साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि वह नई दिल्ली लोकसभा सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. पूर्व आप नेता ने बीएसपी ज्वाइन करने के बाद कहा कि मैं अपनी पार्टी में वापस आ गया हूं.
राजकुमार आनंद ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी का दामन थामने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, मैं बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. मुझे लगता है कि मैं अपनी पार्टी में वापस आ गया हूं.
अखिरी दिन करेंगे नामांकन
उन्होंने बताया कि वह सोमवार को नई दिल्ली संसदीय सीट से बीएसपी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे. बीजेपी ने नई दिल्ली से बांसुरी स्वराज तो आप ने सोमनाथ भारती को टिकट दिया है. दोनों पहले ही निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन कर चुके हैं.
7 मई को होगा दिल्ली में चुनाव
नई दिल्ली लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने बांसुरी स्वराज को टिकट दिया है. वहीं, दिल्ली में आप-कांग्रेस इंडिया ब्लॉक के तहत चुनाव लड़ रही हैं. नई दिल्ली सीट आप के खाते में है, जहां पार्टी ने सोमनाथ भारती को अपना उम्मीदवार बनाया है. दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीट पर एक साथ छठे चरण में 25 मई को चुनाव होगा.
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AAP से दिया इस्तीफा
कभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी कहने जाने वाले राजकुमार आनंद ने दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण सहित कई विभाग संभाले थे, लेकिन उन्होंने पिछले महीने मंत्री पद और AAP से इस्तीफा दे दिया था. अपने इस्तीफे में केजरीवाल सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के दलित विधायकों, मंत्रियों और पार्षदों को कोई सम्मान नहीं दिया गया.
कौन हैं राजकुमार आनंद
राजकुमार आनंद साल 2020 में पहली बार पटेल नगर सीट से विधायक बने थे. इससे पहले उनकी पत्नी वीना आनंद भी इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं. दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की जगह राजकुमार आनंद को कैबिनेट में शामिल किया गया था. बता दें बौद्ध सम्मेलन के एक कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की गई थी, जहां राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थे, जिसके बाद काफी बवाल हुआ था और राजेंद्र गौतम को कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा था.