
उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. यहां भाजपा के टिकट मेनका गांधी एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं. वहीं, सपा से राम भुआल निषाद ताल ठोंक रहे हैं. जबकि, बसपा ने उदय राज वर्मा पर दांव खेला है. जहां चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सुल्तानपुर पहुंचे मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी ने अपनी मां के लिए इमोशनल तरीके से वोट अपील की. वहीं, हाल ही में सपा में शामिल हुए बाहुबली सोनू सिंह (चंद्र भद्र सिंह) और मोनू सिंह (यश भद्र सिंह) ने राम भुआल निषाद के लिए समर्थन जुटाया. फिलहाल, कल यानि 25 मई को सुल्तानपुर में मतदान होना है, जिसका रिजल्ट 4 जून को सामने आएगा.
बता दें कि 2019 के चुनाव में 15 दिनों तक सुल्तानपुर में टिक कर भाजपा प्रत्याशी व अपनी मां मेनका गांधी का प्रचार करने वाले पीलीभीत सांसद वरुण गांधी भले ही इस बार यहां कैंपेन में नहीं पहुंचे. लेकिन उनकी टीम यहां जरूर डेरा डाले हुए थी. टीम द्वारा रिपोर्ट मिलते ही वरुण गांधी गुरुवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सुल्तानपुर पहुंचे और ताबड़तोड़ दस जनसभाएं कीं. वरुण ने सुल्तानपुर से पिता संजय गांधी, मां मेनका गांधी और खुद के पारिवारिक रिश्तों की दुहाई देते हुए लोगों से भावुक अपील की.
वहीं, दूसरी तरफ 'इंडिया' गठबंधन में सपा के प्रत्याशी पूर्व मंत्री राम भुआल निषाद के लिए सुल्तानपुर के 'भद्र ब्रदर्स' सोनू और मोनू भी खुलकर मैदान में आ गए हैं. उन्होंने निषाद के समर्थन में बड़ी जनसभा की और सपा को वोट देने की अपील की. इस दौरान बाहुबली पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भी अपने लोगों से अपील करते हुए कहा कि "पिछले पांच साल से आप लोग परेशान हैं. अखिलेश भइया हमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दिए हैं. आप लोग 25 तारीख को पूरी निष्ठा से उनके पक्ष में वोट गिरवा दो."
बकौल सोनू सिंह- मेरे पिता की लोगों की सेवा करने के लिए ही हत्या कर दी गई थी. आप लोग हमारे प्रत्याशी को यहां से अपना मत देकर चुनाव जिता दीजिए. यही आप लोगों की मेरे स्वर्गीय पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
सोनू के छोटे भाई व पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह ने कहा कि, "पिछली बार हमने यहां मेनका गांधी को बराबर की टक्कर दी थी. उन्हें यहां का पानी पिला दिया था. हम चुनाव हारे नहीं थे बल्कि दबाव में हमे चुनाव हराया गया था. आज आई इस भीड़ को वोट में परिवर्तित करना है, यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है."
गौरतलब है कि सोनू-मोनू के मायंग स्थित गांव में जिस प्रकार क्षत्रिय मतदाताओं के साथ अन्य समाज के लोग जमा हुए थे, उससे सुल्तानपुर की चुनावी लड़ाई और दिलचस्प हो गई है. सुल्तानपुर में चंद्र भद्र की गिनती बाहुबली नेताओं में होती है. 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे. तब उन्होंने मेनका गांधी को कड़ी टक्कर भी थी. सीट पर इतना करीबी मुकाबला हो गया था कि मेनका गांधी मात्र 14,526 वोटों से जीत हासिल की थीं.
उधर, इस चुनाव में शुरुआत से ही बसपा का 'हाथी' सुस्त दिखाई पड़ रहा है. हालांकि, मायावती अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांगने सुल्तानपुर जरूर पहुंची थीं. बसपा के साइलेंट वोटर भाजपा और सपा का खेल बिगाड़ सकते हैं. इसी के चलते ये मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है.
सुल्तानपुर में कुल 9 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं ---
1- भाजपा से मेनका गांधी
2- सपा से राम भुअल निषाद
3- बसपा से उदराज वर्मा
4- डॉ0 शिवशंकर इंडियन- मोस्ट बैकवर्ड क्लासेस ऑफ इंडियन
5- अब्दुल माबूद- अपना देश पार्टी
6- जय प्रकाश- सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी
7- गिरीश लाल- आजाद पार्टी
8- मोहम्मद आसिफ (निर्दलीय)
9- उदयराज वर्मा (निर्दलीय)
कुल वोटर्स की संख्या-
कुल मतदाता- 18,34,355
महिला मतदाता- 8,79,932
पुरुष मतदाता- 9,54,358
थर्ड जेंडर- 65
जातीय समीकरण-
ब्राह्मण- 3,31,841
ठाकुर- 3,51,527
दलित- 4,60,246
मुस्लिम- 3,42,183
ओबीसी और अदर्स- 3,48,527