
हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट पर हर किसी की नजरें हैं. लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को मैदान में उतारा है. हालांकि, अभी कांग्रेस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं. खबर है कि पार्टी ने सिटिंग सांसद और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की सिफारिश को मंजूर कर लिया है. जल्द ही उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह के टिकट पर मुहर लगेगी. प्रतिभा सिंह ने आम चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था.
बता दें कि प्रतिभा सिंह ने तीन साल पहले मंडी में उपचुनाव जीता था. 2019 में यहां बीजेपी के रामस्वरूप शर्मा ने चुनाव जीता था. कांग्रेस के आश्रय शर्मा को करारी हार मिली थी. हालांकि, 2021 में शर्मा के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी और उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी.
'प्रतिभा ने बताया, क्यों बेटे को लड़ना चाहिए चुनाव'
जानकारी के मुताबिक, विक्रमादित्य सिंह के मंडी सीट से कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सोमवार को मंडी से लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. प्रतिभा ने अपने बेटे के मंडी से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर कहा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते मैं पूरे राज्य में काम करना चाहती हूं. अगर मैं चुनाव लड़ती हूं तो मैं मंडी सीट तक ही सीमित रहूंगी. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सुझाव था कि विक्रमादित्य एक युवा चेहरा और युवा नेता हैं और उनका युवाओं के साथ अच्छा जुड़ाव है, जिसे पार्टी आलाकमान ने स्वीकार कर लिया है और वे जल्द ही इस पर अपना निर्णय देंगे.
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बीजेपी से कंगना को मैदान में उतारे जाने पर प्रतिभा ने कहा, 'वो क्या खाती हैं या उनकी निजी जिंदगी पर हमें टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है. हमें विकास के लिए काम करना है. हम मुद्दों पर लड़कर यह सीट जरूर जीतेंगे.
चर्चा है कि प्रतिभा के बेटे और राज्य मंत्री विक्रमादित्य सिंह को इस सीट पर मैदान में उतारे जाने पर विचार किया जा रहा है. जल्द ही पार्टी हाईकमान नाम का ऐलान कर सकता है.
प्रतिभा के दिवंगत पति वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में पांच बार मुख्यमंत्री रहे हैं. वे मंडी सीट से सांसद भी रहे हैं. इस सीट पर वीरभद्र परिवार और कांग्रेस ने एक ठोस राजनीतिक जमीन बनाई है. बीजेपी पहले ही इस सीट से अभिनेत्री कंगना रनौत को मैदान में उतार चुकी है. वीरभद्र-प्रतिभा के बेटे विक्रमादित्य भी राजनीति में खासे सक्रिय हैं. विक्रमादित्य अभी विधायक हैं और सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
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'मंडी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं'
सोमवार को कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वो मंडी से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. अगर पार्टी निर्देश देगी तो मैं मंडी से चुनाव लड़ने को तैयार हूं. जो भी उम्मीदवार होगा, वो मंडी से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेगा. 13 अप्रैल को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी और जल्द ही नाम फाइनल कर दिया जाएगा. पैनल में मेरा नाम भी है. विक्रमादित्य सिंह ने बताया, पैनल में उनका (प्रतिभा सिंह) भी नाम है और उन्होंने लंबे समय तक लोगों की सेवा की है. हम जीतने के लिए चुनाव लड़ेंगे.
'क्या आपदा के वक्त आई थीं कंगना?'
उन्होंने आगे कहा, जब यह क्षेत्र आपदा से गंभीर रूप से प्रभावित था, तब बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत को मंडी क्षेत्र का दौरा करना चाहिए था. यह हिमाचल प्रदेश के लिए सदी की सबसे बड़ी आपदा थी. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वे क्षेत्र में मौजूद थीं? वो दावा करती हैं कि उनका घर मनाली में है और वो मंडी से हैं, क्या उन्होंने मनाली के लोगों से मुलाकात की या आपदा के दौरान सरकाघाट के लोगों से बात की? चुनाव से ठीक पहले मंडी का दौरा करना ठीक नहीं है. ये मुद्दे चुनाव प्रचार में आएंगे और लोग पूछेंगे कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है.
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उन्होंने आगे कहा, लोग यह देखकर अपना प्रतिनिधि चुनने का फैसला करेंगे कि किसने इस क्षेत्र के लिए कितना योगदान दिया है. मैं पिछले एक साल से लोगों के बीच रहा हूं और लोगों की सेवा कर रहा हूं. हम लोगों की नब्ज को समझते हैं. हम निश्चित रूप से जीतेंगे. इन चुनावों में एक व्यक्ति का कोई महत्व नहीं है.
'हिमाचल प्रदेश में एक जून को वोटिंग'
बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश में चार लोकसभा सीटें हैं. इनमें हमीरपुर, मंडी, शिमला और कांगड़ा सीट शामिल है. बीजेपी ने 2019 में सभी चारों सीटें जीती थीं. हिमाचल प्रदेश की चार लोकसभा सीटों के लिए चुनाव और छह बागी कांग्रेस विधायकों की अयोग्यता से खाली हुई विधानसभा सीटों के लिए 1 जून को उपचुनाव होंगे.