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बारामती में अजित पवार के लिए अपने ही साथी बने चुनौती, CM शिंदे के करीबी शिवतारे ने किया बड़ा ऐलान

बारामती सीट शरद पवार की पारंपरिक सीट मानी जाती है और पिछले कई दशकों से इस लोकसभा सीट पर पवार फैमिली का कब्जा रहा है. इस बार अजित पवार की एनसीपी भी यहां से सुप्रिया सुले के खिलाफ मैदान में उतरने जा रही है. वहीं शिंदे गुट के नेता भी बारामती से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं.

अजीत पवार और विजय शिवतारे अजीत पवार और विजय शिवतारे
अभिजीत करंडे
  • मुंबई,
  • 11 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

अजित पवार के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बनी बारामती लोकसभा सीट की जीत में अब एकनाथ शिंदे के साथी ने अडंगा डाल दिया है. पूर्व विधायक और शिंदे गुट के नेता विजय शिवतारे ने बारामती चुनावक्षेत्र से मैदान मे उतरने की घोषणा कर दी है. वह रविवार को पुरंदर मे जनसभा को संबोधित कर रहे थे.

अजित पवार खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्होने कहा, “लोकसभा का चुनाव हमारे सामने है. सुप्रिया ताई और सुनेत्रा ताई के खिलाफ झगडा चल रहा है. लेकिन बारामती लोकसभा चुनाव क्षेत्र किसी का मालिकाना नहीं है. क्यों 50 साल तक परिवार से बारामती में सांसद चुना जाए? क्यों न भोर या पुरंदर से कोई चुनकर नहीं जा सकता? क्यों हम 5-5 और 10-10 बार उन्हें ही वोट दें. इसी स्थल पर अजित पवार ने मुझे धमकी दी थी और बोला था कि देखता हूं तुम कैसे चुनकर आते हो. लेकिन वो विजय शिवतारे का नहीं बल्की पुरी पुरंदर की जनता का अपमान था.’

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 कौन हैं विजय शिवतारे
विजय शिवतारे अजित पवार के विरोधी माने जाते है. विजय शिवतारे पहली बार 2009 मे पुरंदर विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना की टिकट पर विधायक बने. 2014 मे वो फिर एकबार विधानसभा पहुंचे और जल संसाधान राज्यमंत्री बने. उस दौरान अजित पवार और उनके बीच बहुत खींचतान हुई. विजय शिवतारे ने पुरंदर और बाकी इलाके मे पार्टी बढाने के लिए अजित पवार के खिलाफ मोर्चा खोला था. इसलिए अजित पवार विजय शिवतारे से काफी नाराज थे. 2019 मे पुरंदर की रैली के दौरान अजित पवार ने विजय शिवतारे को चुनौती देते हुए कहा था, 'मै भी देखता हूं की तुम कैसे विधायक बनते हो.’ दरअसल शिवतारे ने शरद पवार और सुप्रिया सुले पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद अजित पवार भड़क गए थे.'

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2019 में अजित पवार की वजह से हारे थे शिवतारे!
विजय शिवतारे जब 2019 के विधानसभा चुनाव के लिए मैदान मे उतरे तब अजित पवार ने उनके खिलाफ जमकर प्रचार किया और वहां से कांग्रेस के संजय जगताप के लिए वोट मांगे. परिणाम यह हुआ कि विजय शिवतारे 2019 के चुनाव मे 30 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हार गए.

बारामती लोकसभा चुनावक्षेत्र मे कम छह विधानसभा क्षेत्र आते है. उसमे बारामती, इंदापुर, भोर, खडकवासला, पुरंदर और दौंड शामिल हैं. पिछले लोकसभा चुनाव मे सुप्रिया सुले के खिलाफ बीजेपी ने यहां से विधायक राहुल कुल की पत्नी कंचन कुल को मैदान मे उतारा था और उन्हें 5 लाख 30 हजार वोट मिले थे और सुप्रिया सुले को 6 लाख 86 हजार वोट मिले थे. सुप्रिया को 1 लाख से ज्यादा की लीड अकेले बारामती विधानसभा चुनाव क्षेत्र से मिली थी.

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सुप्रिया के खिलाफ सुनेत्रा होगी मैदान में

इस बार एनसीपी मे फूट के बाद सुप्रिया सुले के खिलाफ अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा मैदान मे रहेंगी. उसकी घोषणा राष्ट्रवादी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने की है. इस ऐलान के बाद खुद शरद पवार अपनी बेटी के जीत के लिए लोकसभा चुनावक्षेत्र का दौरा करते नजर आ रहे है. माहौल ऐसा बन रहा है कि जैसे शरद पवार ही मैदान मे उतरे हैं. वहीं अजित पवार के लिए भी यह सीट बडी प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है. ऐसे मे विजय शिवतारे ने चुनौती खड़ी कर दी है.

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बीजेपी नेता भी एनसीपी से नाराज

दुसरी ओर इंदापूर चुनाव क्षेत्र से बीजेपी के नेता हर्षवर्धन पाटील भी नाराज नजर आ रहे है. उन्होने पिछले दिनो गृहमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को खत लिखकर कहा था कि यहां पर राष्ट्रवादी के कार्यकर्ता उन्हें धमकी दे रहे हैं और उनकी जान को खतरा है. अब उसके बाद विजय शिवतारे की चुनौती भी अजित पवार की मुश्किलें बढ़ाने वाली है. ऐसे मे यह देखना होगा की पत्नी की जीत सुनिश्चित करने के लिए अजित पवार सच मे महायुती के साथियों को कैसे मनाते हैं.

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