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6 लोकसभा चुनाव में दिल्ली से सिर्फ 12 महिलाएं पहुंचीं संसद, जानिए क्या है वजह

Delhi Lok Sabha Chunav 2024: आजादी के बाद हुए लोकसभा चुनावों में दिल्ली से बहुत कम महिला उम्मीदवार चुनी गईं. आंकड़ों से पता चलता है कि 1962 के बाद से, दिल्ली की तमाम निर्वाचन क्षेत्रों से 106 लोकसभा चुनावों में केवल 12 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.

लोकसभा चुनावों में दिल्ली से महिलाओं का प्रतिनिधित्व (फोटो- PTI) लोकसभा चुनावों में दिल्ली से महिलाओं का प्रतिनिधित्व (फोटो- PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2024,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

Delhi Lok Sabha Election 2024: लोकसभा (Lok Sabha) में जब महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात आती है, तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से निराशाजनक तस्वीर उभर कर सामने आती है. 1962 के बाद से, दिल्ली की तमाम सीटों से 106 संसदीय प्रतियोगिताओं में केवल 12 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. अगर यह हिस्सा प्रतिशत में देखा जाए, तो इसका आंकड़ा 11.3 फीसदी है.

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किन महिलाओं ने दिल्ली में दर्ज की जीत?

साल 1952 के बाद से दिल्ली की लोकसभा सीटों में से केवल 9 महिला लोकसभा सांसद रही हैं. कांग्रेस पार्टी की सुचेता कृपलानी दिल्ली की पहली महिला सांसद बनीं. उन्होंने 1952 और 1957 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की. कृपलानी 1963 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद दिल्ली को अगली महिला सांसद पाने के लिए 9 सालों का इंतजार करना पड़ा. कांग्रेस पार्टी की सुभद्रा जोशी, चांदनी चौक से और मुकुल बनर्जी, नई दिल्ली से 1971 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. 

यह पहली बार था, जब दिल्ली से दो महिला सांसद चुनी गईं. यह उपलब्धि 1996 और 1998 में दोहराई गई, जब मीरा कुमार और सुषमा स्वराज सांसद चुनी गईं.

साल 1971 के बाद से, दिल्ली के सात निर्वाचन क्षेत्रों में से, करोल बाग (अब विघटित), सीट का चार महिलाओं- सुंदरवती नवल प्रभाकर, मीरा कुमार, अनीता आर्य और कृष्णा तीरथ ने पांच बार प्रतिनिधित्व किया. यह एक अनुसूचित जाति आरक्षित सीट थी. नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व 1971 में मुकुल बनर्जी और 2014 और 2019 में मीनाक्षी लेखी ने किया था.

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दक्षिणी दिल्ली का प्रतिनिधित्व सुषमा स्वराज ने 1996 और 1998 में दो बार किया था. सुभद्रा जोशी ने 1971 में चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और कृष्णा तीरथ ने 2009 में उत्तर पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था.

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दिल्ली की महिला सांसदों का इतिहास

गौर करने वाली बात यह है कि साल 1952 के बाद से, जब भी महिलाओं ने दिल्ली की सीटें जीती हैं, उन्होंने कांग्रेस या फिर भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व किया है. कांग्रेस से महिला उम्मीदवारों ने सात बार और बीजेपी से महिला उम्मीदवारों ने पांच बार चुनावों में जीत दर्ज की. बीजेपी की सुषमा स्वराज दिल्ली से लोकसभा सीट जीतने वाली पहली महिला गैर-कांग्रेसी उम्मीदवार बनीं.

पांच महिलाओं ने दिल्ली में अपना लोकसभा कार्यकाल दोहराया है. इस लिस्ट में सुचेता कृपलानी (कांग्रेस), सुषमा स्वराज (बीजेपी), मीरा कुमार (कांग्रेस), मीनाक्षी लेखी (भाजपा) और कृष्णा तीरथ (कांग्रेस) का नाम शामिल है.

दिल्ली से चुनाव लड़ने वाली सभी महिला लोकसभा प्रत्याशियों में कांग्रेस की सुंदरवती नवल प्रभाकर की जीत का अंतर सबसे ज्यादा था. उन्होंने 1985 में करोल बाग से सुंदर पाल रथवे को 86 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था.

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1977, 1989 और 1991 के चुनावों में दिल्ली से कोई भी महिला उम्मीदवार संसद के लिए नहीं चुनी गई.

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नया पड़ाव

2004 से 2019 तक चार लोकसभा चुनावों में, दिल्ली में 603 मुकाबले हुए. इनमें से 62 चुनावों में महिलाएं शामिल थीं और केवल चार में महिलाओं ने जीत हासिल की. यह केवल 6.45 प्रतिशत की जीत दर है. इसे सत्यापित करने के लिए, हमने भारत के चुनाव आयोग के डेटा का उपयोग किया और इंडिया टुडे के पत्रकारों द्वारा डेवलप 
 की गई एक AI और डेटा-ड्राइवेन चैटबॉट, ElectionGPT (https://electionsgpt.org/) का उपयोग करके इसे क्रॉस-चेक किया. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की JournalismAI टीम, पिछले लोकसभा चुनावों (1962 से अब तक) के डेटा से लैस है और इसे चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है.

पिछले चार चुनावों में बीजेपी ने पांच, कांग्रेस ने चार और आम आदमी पार्टी ने दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा. शिव सेना और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने केवल एक-एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा.

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विधानसभा चुनाव

लोकसभा चुनावों की तरह का पैटर्न विधानसभा चुनावों में भी देखा जा सकता है. हालांकि, दिल्ली में भारत की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महिला मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं. 1972 के बाद से दिल्ली में विधानसभा चुनाव मुकाबलों में 668 उम्मीदवारों में से केवल 50 महिलाएं जीतीं.

साल 2000 के बाद से महिलाएं 27 बार दिल्ली से विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं. मौजूदा वक्त में, दिल्ली में विधानसभा के 70 सदस्यों में से केवल आठ यानी 11.4 प्रतिशत महिलाएं हैं.

इस बार के लोकसभा चुनाव में क्या समीकरण?

2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. नई दिल्ली लोकसभा सीट से सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज और पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से कमलजीत शेरावत. पश्चिमी दिल्ली सीट से अभी तक कोई भी महिला उम्मीदवार नहीं जीती है.  INDIA गुट ने दिल्ली में किसी भी महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है.

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(अनन्या वर्मा और निशांत अग्रवाल की रिपोर्ट)

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