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'सनातन पर BJP क्या, देश के किसी भी नागरिक को समझौता नहीं करना चाहिए', बोले- प्रहलाद सिंह पटेल

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 'आजतक' के विशेष कार्यक्रम 'पंचायत आज तक मध्य प्रदेश' में शिरकत की और शिवराज सरकार की उपलब्धियों का बखान किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा.

'पंचायत आजतक' के मंच पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल 'पंचायत आजतक' के मंच पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल
aajtak.in
  • भोपाल,
  • 15 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 'पंचायत आजतक मध्य प्रदेश' में  विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. 'मध्य प्रदेश के दिल में क्या है?' आयोजित विशेष सत्र में शिरकत करते हुए उन्होंने  सनातन मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, 'सनातन का जो मुद्दा है, जब भी दुनिया में लोग हम पर हमलावर हुए लेकिन हमारी जड़े मजबूत थी इसलिए हम लोग खड़े रहे. सनातन पर किसी भी कीमत पर भाजपा को क्या, देश के किसी भी भारतीय को समझौता नहीं करना चाहिए बल्कि इस पर चिंतन करना चाहिए और चिंता भी करनी चाहिए. 

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जल जीवन मिशन को कमलनाथ ने रोका

कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं जल शक्ति मंत्रालय में मंत्री हूं, कमलनाथ जी जब सरकार में थे तो उन्होंने जल जीवन मिशन शुरू नहीं होने दिया. जब आप सरकार में थे तो आपने जल जीवन मिशन की योजना को शुरू क्यों नहीं होने दिया.भारत सरकार ने 561 करोड़ दिए थे. 2019 में मध्य प्रदेश में 12.6 फीसदी नए जल कनेक्शन थे. यानि 13 लाख के आसपास थे. 1 करोड़ 12 लाख परिवार हैं इस राज्य में. 2021 तक इसमें केवल 5 लाख की ही बढ़ोतरी हो पाई. उसके बाद जैसे ही शिवराज जी ने कमान संभाली आज हम 58 फीसदी पर है. तो ये देखना होगा कि आपने विकास क्यों रोका.'

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दी जी ने काम करने का तरीका बदला

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 भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, 'ये देश के आम नागरिक और बुद्धिजीवी को यह मान लेना चाहिए कि अब सरकार के काम करने के तरीके बदल गए हैं. पहले हम वर्ष के अंत में बजट के उपयोग के बारे में सोचते थे, अब तीसरे महीने में हमारे पास टास्क होता है कि इतना पैसा खर्च नहीं करोगे तो हम बदल जाएंगे. मैं खाद्य प्रंसक्करण मंत्री भी हूं. मेरे पास रेगुलर बजट में 4 हजार 6 करोड़ रुपया था. लेकिन जैसे ही हमने उसे खत्म किया तो बजट में नहीं होने के बावजूद भी 950 करोड़ फिर मिल गए. ये काम करने की पद्धति जो बदली है, इस पर कम से कम नौजवान को विचार करने चाहिए. एक समय पैसे का टोटा था, अगर आप आज पैसा नहीं खर्च कर पाएंगे तो आप देश का भला नहीं कर पाएंगे.ये वर्क कल्चर मोदी ने दिया है. इस पर मजाक उड़ाने के बजाय हम तथ्यों को समझें.'

कमलनाथ पर निशाना साधते हुए पटेल ने कहा, 'कमलनाथ जी भ्रष्टाचार की बात करते हैं जिनके कार्यालय पर ये तोहमत है कि उनके किसी सहयोगी के पास धन निकला है. छिंदवाड़ा में उन्होंने जो जल से जुड़ी योजनाओं में जो पैसा निकाल लिया था उसमें भूमि पूजन नहीं हुआ था.एक ईंट वहां नहीं रखी गई है वहां से सैकड़ों करोड़ रुपये निकाल लिए गए हैं.'

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सत्ता विरोधी कोई लहर नहीं

'जो काम हमने पांच साल में किए हैं उस रिपोर्ट कार्ड को लेकर हम जनता के बीच में जा रहे हैं. मुझे कोई भय नहीं लगता है. मध्य प्रदेश के बारे में मैं जो जानता हूं कि हम संगठन की सामर्थ्य पर विजय हासिल करने वाले लोग हैं. एंटी इंकम्बेंसी वाले पैमाने को हमने ध्वस्त किया है. डबल इंजन वाली सरकार में जीत हासिल करने में दिक्कत नहीं होंगी. जो कमी पेशियां थी वो हमने दुरुस्त की हैं.'

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क्या प्रधानमंत्री के भरोसे पूरे मध्य प्रदेश को छोड़ दिया गया है? इस सवाल का जवाब देते हुए पटेल ने कहा, 'संत रविदास के 100 करोड़ के मंदिर का निर्माण, क्योंकि समरसता की बात तो हर कोई करता है, समरसता के प्रतीक को स्थापित करने का अगर कोई पहला कार्य है तो देश के प्रधानमंत्री से ज्यादा पात्र व्यक्ति कोई नहीं है.50 हजार करोड़ की योजना का लोकार्पण करना और उसमें पीएम की उपस्थिति एक भरोसा पैदा करती है. इस परियोजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. मोदी जी  जिस चीज का भूमिपूजन करते हैं उसका उद्घाटन भी करते हैं, ये बात देश भी समझ गया है. जबकि कांग्रेस के शासन में केवल चुनाव के टाइम पर भूमिपूजन होता था. '

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एक देश, एक चुनाव पर कही ये बात
'एक देश एक चुनाव' को लेकर पूछे गए सवाल पर पटेल ने कहा, 'हमारा घोषणापत्र जिसने भी पढ़ा, हमने विजन डॉक्यूमेंट में ये कहा है कि चुनाव के खर्चों को कम करना है. चुनाव के कारण विकास अवरुद्ध होते हैं, उस परिस्थिति को खत्म करना, ये हम हमेशा से कहते रहे हैं.आप हमारे जनसंघ से लेकर आज तक के प्रस्ताव देखिए उन सब में हमने इस फिजूलखर्ची का जिक्र किया है. मुझे तो लगता है इसे एजेंडा नहीं मानना चाहिए।' 

आगामी मध्य प्रदेश चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में 2023 में 2003 रिपीट होगा.

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