
मध्य प्रदेश में पंचायत आजतक का मंच सज चुका है. कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिस्सा लिया. उन्होंने राज्य में चुनावी जीत का दम भरा और सरकारी योजनाओं को गिनाया. शिवराज ने कांग्रेस और कमलनाथ को भी घेरा और उन पर सवाल उठाए. शिवराज ने कहा, मुझसे पहले राज्य में मुख्यमंत्री कमलनाथ थे और वो हमेशा रोते रहते थे कि पैसा नहीं है, पैसा नहीं है. लेकिन, आज आप देखिए कि सारे काम हो रहे हैं.
शिवराज ने कहा, मध्य प्रदेश को अगर भ्रष्टाचार का अड्डा बनाया था तो वो कमलनाथ की 15 महीने की सरकार थी. मध्य प्रदेश का सचिवालय वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था. छापे किसके यहां पड़े थे और किनके करीबियों की संपत्तियां बरामद की गई थीं? पैसा कहां जाता था. इसका जवाब तो कमलनाथ और कांग्रेस को देना चाहिए. आरोप दूसरे पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन यह मध्य प्रदेश है और शिवराज सिंह चौहान हैं. ये आरोप दूसरे पर चिपका नहीं सकते हैं.
'ये कैसा गठबंधन... ना नीति और ना सिद्धांत?'
शिवराज ने कहा, इस मैच की फिनिशिंग तय हो गई है. अब तक की सबसे बड़ी जीत मध्य प्रदेश में बीजेपी हासिल करेगी. कांग्रेस की किस्मत पर सिर्फ दावा ठोकना है. विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A को लेकर शिवराज ने तंज कसा. उन्होंने पूछा- ये कैसा गठबंधन है? ना इनकी नीति एक है, ना इनके विचार एक हैं. ना इनके सिद्धांत एक हैं. ना इसकी नीति और ना इनकी रीति एक है. ये सत्ता प्राप्त करने की चाह में स्वार्थियों ने एक गठबंधन किया है. सत्ता से भी ज्यादा उनको अपने भविष्य की चिंता है.
'मोदीजी के समर्थन की बाढ़ से डरकर एक पेड़ पर बैठा विपक्ष'
शिवराज ने आगे कहा, जब बाढ़ आती है तो सारे जीव-जंतु एक ही पेड़ पर चढ़ जाते हैं. उसी डाल पर सांप बैठ जाता है और बंदर भी आकर बैठ जाता है. आदमी भी चिपका रहता है. ताकि बाढ़ के पानी से बचा जा सके. मोदीजी के समर्थन की बाढ़ से डरकर एक पेड़ पर जा बैठे हैं.
'हमने एक-एक घोषणाएं पूरी की हैं'
शिवराज ने कहा, मैंने रक्षाबंधन से पहले 27 अगस्त को एक घोषणा की थी कि लाडली बहना योजना की पात्रों को एलपीजी गैस कनेक्शन 450 रुपए में दिया जाएगा और हम देना शुरू कर रहे हैं. मैंने एक और घोषणा की थी कि लाडली बहना के खाते में पहले 1000 रुपए आएंगे, फिर 1200 रुपए आएंगे. पात्रों के खाते में पैसे दिए जा रहे हैं. मैंने संत रविदास लोक की घोषणा की थी, वो बनना शुरू हो गया है. मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएम राइज स्कूल तक बनाए जा रहे हैं. जिसमें काम करने की तलफ होती है, वही घोषणाएं करता है.
'मेरे पास पैसे की कमी नहीं है'
शिवराज ने कहा, हमने चुनावों को देखकर घोषणाएं पूरी नहीं की हैं. मैं जहां जाता हूं, वहां घोषणाएं करता हूं. मुख्यमंत्री क्या करेगा? लोगों के बीच जाकर रोएगा क्या.. मेरे पास पैसा नहीं है? मैं कहता हूं कि मेरे पास पैसा नहीं है. पैसे की व्यवस्था करता हूं. ये बहुत आसान काम है. कोई भी मुख्यमंत्री कह दे कि मेरे पास पैसा नहीं है... मैं क्या करूं? मेरे पास पैसा नहीं है. कमलनाथ जी रोते ही रहते थे. मेरे पास पैसा नहीं है. मामा ले गया. मेरे पास पैसा नहीं है. लेकिन, मैं कहता हूं कि मेरे पास पैसे की कमी नहीं है. अगर पैसे नहीं हैं तो मुख्यमंत्री ही क्यों बने? जो व्यवस्था करे, उसको बनने दो.