
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राजनीतिक माहौल रोचक बना हुआ है. चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के दौरान कांग्रेस बड़े नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खासा हंसी-मजाक हुआ. पार्टी में कलह की खबरों के बीच दोनों नेताओं के बीच हुआ सार्वजनिक वार्तालाप सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.
दरअसल, मंगलवार को राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में कांग्रेस ने 'वचन पत्र' जारी करने के लिए मंच सजाया था. चुनावी वादे करने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता मंच पर मौजूद थे. इस दौरान चुनाव की कमान संभाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने संबोधन के दौरान 'कपड़े फाड़ने' वाली बात का मजाकिया अंदाज में जिक्र कर दिया.
पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ पत्रकारों से बोले, आपने सबसे पहले दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ने को लेकर प्रश्न पूछा था. मैंने आपको जवाब में कहा था कि अगर आपकी बात न मानें तो आप भी उनके (दिग्विजय सिंह) कपड़े फाड़ दीजिए.
इसी बीच, दिग्विजय सिंह कुर्सी पर बैठे-बैठे कमलनाथ को टोकते हुए बोले, ''एक मिनट...एक मिनट...फॉर्म ए और फॉर्म बी पर दस्तखत किसके होते हैं? पीसीसी प्रेसिडेंट के...तो कपड़े किसके फटने चाहिए...बताओ.''
यह सुनकर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कमलनाथ कहते हैं, ''मेरा और दिग्विजय सिंह का संबंध राजनीतिक नहीं है. हंसी-मजाक का है, प्यार का है. मेरा संबंध इनसे बहुत पुराना है. पारिवारिक है.''
तभी दिग्विजय अपने पास बैठे दूसरे नेता से बात करने लगते हैं तो उन्हें टोकते हुए कमलनाथ कहते हैं, ''दिग्विजय सुनते रहो...''
फिर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष बोलते हैं, ''मैंने बहुत पहले इनको (दिग्विजय सिंह) एक पॉवर ऑफ अटॉर्नी दी थी. वो पॉवर ऑफ अटॉर्नी थी कि आप पहले कमलनाथ के लिए गालियां खाइए. वही अटॉर्नी आज के दिन भी वैलिड है.''
यह सुनकर दिग्विजय कहने लगते हैं, ''लेकिन ये भी सुन लीजिए कि गलती कौन कर रहा है ये पता होना चाहिए. तपाक से फिर कमलनाथ कहते हैं, ग''लती हो या नहीं हो, गाली खानी है.''
फिर दिग्विजय सिंह कहते हैं, ''शंकर का काम ही विष पीना है, तो पी लेंगे.'' इस पर कमलनाथ कहते हैं, ''इन्होंने बहुत सारे कड़वे घूंट पिए हैं, आगे भी पीने पड़ेंगे.''
'कपड़े फाड़ने' वाला मामला क्या है?
दरअसल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद से ही कांग्रेस में सिर फुटव्वल जारी है. टिकट कटने पर नेताओं के समर्थक भोपाल आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है. कमलनाथ कार्यकर्ताओं से घिरे हुए हैं और बोल रहे हैं, 'आप लोग जाकर दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ो.'
बता दें कि कमलनाथ के बंगले पर वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थक पहुंचे थे और मांग कर रहे थे कि उनके नेता वीरेंद्र रघुवंशी को शिवपुरी से टिकट दिया जाए. इस दौरान कमलनाथ से रघुवंशी समर्थकों की बातचीत का वीडियो किसी ने बना लिया जो अब वायरल हो रहा है. बीजेपी नेता इस वीडियो को जमकर पोस्ट कर रहे हैं.
बीजेपी नेताओं की ओर से जारी किये वीडियो में कमलनाथ बोलते दिख रहे हैं, 'इसमें कोई मिस अंडरस्टैंडिंग हो गई. आप वीरेंद्र की बात मत कीजिए. मैंने उसे जॉइन कराया है. केपी सिंह ने कहा कि मेरी दिग्विजय सिंह से बात हो गई. दिग्विजय सिंह बोले कि मेरी केपी सिंह से बात हो गई. बाद में कहते हैं कि अरे, ऐसा तो हमने समझा नहीं था. मैंने कहा कि अब तुम लोग समझ लो.
मैं तो खुद वीरेंद्र के सामने शर्मिंदा हुआ: कमलनाथ
पीसीसी चीफ कमलनाथ आगे कहते हैं, कल शाम को मैंने दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाया है. केपी सिंह शिवपुरी क्यों जाएं. ये बात मुझे समझ नहीं आई. मैं तो खुद वीरेंद्र के सामने शर्मिंदा हुआ. मुझे रघुवंशी समाज को देना है. मैं खुद ढूंढ रहा हूं. शिवपुरी की बात दिग्विजय सिंह, जयवर्धन से करेंगे. जैसा वो कहेंगे, वैसा करेंगे. वीरेंद्र को जितना तुम लोग नहीं चाहते, उससे ज्यादा मैं चाहता हूं. तुम लोग मुझे क्या समझाने आए हो. अब जाकर दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपडे़ फाड़ो'
बीजेपी का तंज
बीजेपी के प्रदेश मिडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि 'दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपड़े फाड़िए. अरे कमलनाथ जी आप तो कपड़े फड़वाने पर भी उतारू हो गए. खैर आप भी कर ही क्या सकते हैं जब पूरी कांग्रेस ही दो फाड़ हो गई है. वैसे शिवपुरी से आए वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थकों की कमलनाथ जी से बातचीत का यह वीडियो देख दिग्विजय सिंह जी आप आपके सुपुत्र को पीड़ा तो जरूर होगी और बदला भी तगड़ा लेंगे! अब देखना दिलचस्प होगा कि कपड़े कौन किसके फाड़ेगा'
दिग्विजय का बयान
वहीं, वायरल वीडियो पर दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद्व दोनों होते हैं. समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकालें. ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं. नर्मदे हर'
कमलनाथ का रिएक्शन
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलनाथ ने कहा है कि 'मेरा और दिग्विजय सिंह का प्यार का रिश्ता है और इसलिए मैं जो मज़ाक में कहता हूं उसका बुरा नहीं मानना चाहिए.'