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पंजाब: विवादित बयानों के बाद हरीश रावत ने सिद्धू से सलाहकारों को हटाने के लिए कहा

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकारों द्वारा हाल ही के दिनों में विवादित बयान दिए गए, जिसपर अब पार्टी आलाकमान ने एक्शन लिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू से उनके सलाहकारों को हटाने के लिए कहा है. 

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो: PTI) पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो: PTI)
मनजीत सहगल
  • चंडीगढ़,
  • 27 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 9:29 AM IST
  • पंजाब कांग्रेस का दंगल अभी खत्म नहीं हुआ
  • केंद्रीय आलाकमान ने सिद्धू से एक्शन लेने को कहा

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहा दंगल अभी खत्म नहीं हुआ है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकारों द्वारा हाल ही के दिनों में विवादित बयान दिए गए, जिसपर अब पार्टी आलाकमान ने एक्शन लिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू से उनके सलाहकारों को हटाने के लिए कहा है. 

जानकारी के मुताबिक, हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू से मलविंदर सिंह माली और डॉ. प्यारेलाल गर्ग को तुरंत हटाने के लिए कहा है. नवजोत सिंह सिद्धू के इन सलाहकारों ने हाल ही के दिनों में विवादित बयान दिए थे, साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधा हमला भी बोला था. 

मलविंदर सिंह माली द्वारा कुछ दिनों पहले ही जम्मू-कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया गया था और उसे संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा मुद्दा बताया गया था. साथ ही उनके फेसबुक अकाउंट पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा विवादित कार्टून भी सुर्खियां बटोर रहा था. इसके अलावा मलविंदर सिंह माली ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें और उनके समर्थकों को ‘अली बाबा और 40 चोर’ कहा था. 

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लगातार जारी है कैप्टन बनाम सिद्धू की जंग!

गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को जब से पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है, विवादों का सिलसिला जारी है. पहले उनके अध्यक्ष बनने को लेकर विवाद हुआ और उसके बाद कार्यकारी अध्यक्ष, सलाहकारों की नियुक्ति को लेकर काफी विवाद हुआ. इस सबके बीच सिद्धू गुट द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लगातार हमला किया जा रहा है. 

यहां तक की सिद्धू गुट की ओर से मुख्यमंत्री बदलने की मांग भी हुई थी, जिसे केंद्रीय आलाकमान ने नकार दिया. बीते दिन ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 60 विधायकों को एकजुट कर अपनी ताकत का एहसास करवाया. साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी आपसी दिक्कतों से जूझती हुई दिख रही है. 

 

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