
राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के OSD लोकेश शर्मा तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद लगातार चौंकाने वाले दावा कर रहे हैं. अब उन्होंने दावा किया है कि गहलोत सरकार द्वारा 2020 में बगावत के दौरान सचिन पायलट के फोन को टैप किया गया और उनकी एक्टिविटी को ट्रैक किया गया. लोकेश शर्मा के इन दावों पर गहलोत और पायलट की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
समाचार एजेंसी के मुताबिक, OSD लोकेश शर्मा विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे. हालांकि, कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. अब राजस्थान में कांग्रेस की हार के बाद वे लगातार अशोक गहलोत की आलोचना कर रहे हैं. OSD लोकेश शर्मा ने कहा, पिछले साल सितंबर में विधायक दल की बैठक होनी थी, लेकिन इसे गहलोत के करीबी नेताओं ने नहीं होने दिया. अगर वह बैठक होती और कांग्रेस के पर्यवेक्षक जिस एजेंडे को लेकर आए थे, उस पर अमल होता, तो तस्वीर कुछ और होती. दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व तब अशोक गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहता था और सचिन पायलट को राज्य का सीएम.
सरकार ने कराई थी निगरानी
लोकेश शर्मा ने कहा कि गहलोत और पायलट के बीच मतभेदों ने पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया. शर्मा ने कहा, जब 2020 का राजनीतिक संकट आया. सचिन पायलट अपने 18 विधायकों के साथ चले गए थे. ऐसी स्थिति में सरकार ने अपनी मशीनरी को काम पर लगाया, हर किसी पर नजर रखी गई. ये लोग कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं और किससे बात करते हैं. उन्होंने दावा किया कि निगरानी बगावत से पहले से ही हो रही थी क्योंकि ऐसा शक था कि ऐसा कुछ हो सकता है.
लोकेश शर्मा के मुताबिक, चुनाव बेहतर ढंग से लड़ा जा सकता था और हार की मुख्य वजह टिकट का बंटवारा ठीक से नहीं होना है. उन्होंने कहा, सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी, लेकिन लोग कई विधायकों को अपने प्रतिनिधि के रूप में वापस आते नहीं देखना चाहते थे. ऐसी रिपोर्टें मुख्यमंत्री को बताई गईं. ये सिर्फ मेरी रिपोर्टें नहीं थीं, बल्कि AICC सर्वे और अन्य रिपोर्टें थीं. शर्मा ने दावा किया कि मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
'क्या टिकट नहीं मिलने पर भड़ास निकाल रहे OSD'
OSD ने कहा, गहलोत की जिद थी, इन रिपोर्ट्स के बावजूद कदम नहीं उठाए गए. गहलोत को लगा कि यह उन लोगों के प्रति उनका नैतिक कर्तव्य था जिन्होंने उनकी सरकार बचाने में मदद की थी. हालांकि, जब लोकेश शर्मा से पूछा गया कि उन्हें टिकट नहीं मिला, क्या वे इस वजह से ऐसे आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने इस बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि यह पार्टी पर निर्भर था कि वह उनके टिकट पर फैसला करे, वह एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में टिकट मांग रहे थे. लोकेश शर्मा ने कहा, 'मैं ऐसा अभी कह रहा हूं क्योंकि मैं चाहता हूं कि सुधारात्मक कदम उठाए जाएं क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और चीजों को ठीक करना अहम है.''