
राजस्थान के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 116 सीटों पर जीत के साथ सत्ता में वापस लौटी है. वहीं, कांग्रेस 68 सीटों के साथ कांग्रेस ने सत्ता गंवा दी है. बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर है. बीजेपी ने राजस्थान का चुनाव सीएम पद के लिए किसी नेता का चेहरा आगे किए बिना लड़ा था. साल 2003 से ही वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी का चेहरा रही हैं. लेकिन पार्टी ने इस बार उनका चेहरा आगे करने से परहेज किया.
राजस्थान चुनाव के रुझान आ रहे हैं तो चर्चा ये भी शुरू हो गई है कि बीजेपी सरकार की बागडोर किसके हाथों में होगी? मुख्यमंत्री कौन बनेगा? वसुंधरा राजे मतदान के बाद से जिस तरह एक्टिव नजर आ रही हैं, मतगणना से ठीक पहले देर रात तक मीटिंग की. उसे उनकी ओर से ड्राइविंग सीट पर होने का मैसेज देने की कोशिश माना जा रहा है.
राजस्थान में अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो क्या वसुंधरा राजे सिंधिया ही सीएम होंगी या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी? ये चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि बीजेपी ने न सिर्फ सीएम फेस घोषित करने से परहेज किया, बल्कि कई सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतार दिया था. राजस्थान में बीजेपी का सबसे बड़ा, सबसे लोकप्रिय चेहरा रहीं वसुंधरा का ग्राफ गिरा भी है. ऐसे में ये सवाल वाजिब भी है- राजस्थान में सीएम का ताज वसुंधरा राजे के ही सिर सजेगा या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी?
1- बालकनाथ
तिजारा विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार बालकनाथ सांसद भी हैं. बालकनाथ अशोक गहलोत के बाद सीएम पद के लिए दूसरा सबसे लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं. इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में बालकनाथ को 10 फीसदी लोगों ने सीएम पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया था. इस एग्जिट पोल के मुताबिक सीएम पद के लिए बालकनाथ बीजेपी की ओर से सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं.
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राजस्थान के अलवर से सांसद बालकनाथ उसी नाथ संप्रदाय से हैं जिससे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आते हैं. बालकनाथ रोहतक के बाबा मस्तनाथ मठ के महंत हैं. नाथ संप्रदाय की परंपरा में गोरखपुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष और रोहतक की गद्दी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दर्जा हासिल है. इस तरह नाथ संप्रदाय की वर्तमान व्यवस्था में योगी आदित्यनाथ के बाद बालकनाथ का नंबर दूसरा है और उन्हें राजस्थान का योगी भी कहा जाता है.
2- दीया कुमारी
जयपुर राजघराने की दीया कुमारी को भी वसुंधरा राजे सिंधिया के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. दीया कुमारी सांसद हैं और बीजेपी ने इस बार उन्हें भी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था. दीया कुमारी जयपुर जिले की विद्याधर नगर सीट से चुनाव मैदान में उतरी हैं. इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है.
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इस सीट से पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान बीजेपी का पितामह कहे जाने वाले भैरो सिंह शेखावत के रिश्तेदार नरपत सिंह राजवी निवर्तमान विधायक हैं लेकिन इस बार पार्टी ने नरपत की सीट बदल दी. दीया कुमारी को अपेक्षाकृत सेफ सीट से उम्मीदवार बनाया जाना भी इस चर्चा को और हवा दे रहा है कि क्या महारानी (वसुंधरा राजे) का विकल्प बीजेपी महारानी (दीया कुमारी) के रूप में देख रही है?
3- सीपी जोशी
राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सीपी जोशी भी सीएम की रेस में शामिल माने जा रहे हैं. सीपी जोशी ने प्रदेश अध्यक्ष के नाते पार्टी के चुनाव अभियान की बागडोर अग्रिम मोर्चे से संभाली. सीपी जोशी सांसद भी हैं और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही आलाकमान से नजदीकी की चर्चा भी शुरू हो गई थी.
इन नेताओं के नाम की भी चर्चा
राजस्थान में बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए वसुंधरा के अलावा इन तीन नेताओं के नाम की चर्चा है ही, गजेंद्र सिंह शेखावत और भूपेंद्र चौधरी समेत कुछ और नेता भी सीएम की रेस में शामिल माने जा रहे हैं. कहा तो ये भी जा रहा है कि अर्जुनराम मेघवाल, अश्विनी वैष्णव या सुनील बंसल जैसे कद्दावर नेताओं में से भी किसी को बीजेपी नेतृत्व राजस्थान की सत्ता संभालने के लिए जयपुर भेज सकता है. अर्जुनराम मेघवाल का नाम जिस तरह से पीएम मोदी ने कई जनसभाओं में लिया, उसकी वजह से भी सीएम पद पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.