
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कश्मकश जारी है. जयपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चल रहा है. वसुंधरा राजे सीएम पद के लिए पूरी जोर आजमाइश लगाए हुए हैं. वे अन्य नेताओं की तुलना में सबसे ज्यादा एक्टिव दिख रही हैं. राजस्थान में शक्ति प्रदर्शन के बाद अब वसुंधरा ने दिल्ली कूच किया है. वे दिल्ली में बीजेपी आलाकमान से मुलाकात कर सकती हैं. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का वक्त मांगा है.
दरअसल, बीजेपी ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह राजस्थान में भी बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ा था. पार्टी ने पीएम मोदी के चेहरे और सामूहिक नेतृत्व के दम पर तीनों राज्यों में जीत हासिल की. ऐसे में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री चेहरे का चुनाव करना है. बीजेपी आलाकमान न सिर्फ इन चेहरों के दम पर 2024 लोकसभा चुनाव के लिए सभी समीकरण साधने की कोशिश में है, बल्कि स्थानीय बगावत को भी रोकना चाहता है.
राजस्थान में सबसे ज्यादा सुगबुगाहट
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में अब तक सीएम चेहरे को लेकर किसी भी नेता की ओर से जोर आजमाइश नहीं देखी गई. वहीं, राजस्थान में सबसे ज्यादा सुगबुगाहट है. यहां वसुंधरा राजे लगातार अपने समर्थक विधायकों से मुलाकात कर समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी हैं. बताया जा रहा है कि अब तक वसुंधरा ने 60 से ज्यादा विधायकों से मुलाकात कर चुकी हैं. ये विधायक वसुंधरा को समर्थन देने और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठा रहे हैं.
राजस्थान में अकेली वसुंधरा राजे ही मुख्यमंत्री रेस में नहीं हैं. सांसद दिया कुमारी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, बाबा बालकनाथ, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी सीएम रेस में हैं. दिया कुमारी और बाबा बालकनाथ ने तो विधानसभा चुनाव भी लड़ा है. दिया कुमारी ने बुधवार को संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, वसुंधरा राजे चुनाव नतीजों के बाद सबसे ज्यादा एक्टिव नजर आ रही हैं.
चुनाव नतीजों के बाद से वसुंधरा राजे ने अब तक करीब 60 नए विधायकों से अपने आवास पर मुलाकात की है. ये विधायक खुलकर मीडिया के सामने वसुंधरा राजे को सीएम बनाने की मांग कर चुके हैं. हालांकि, बीजेपी ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री का नाम पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा और उससे पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी. हालांकि बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है.
वसुंधरा ने पार्टी को भी भेजा संदेश
भले ही वसुंधरा राजे जयपुर में शक्तिप्रदर्शन दिखा रही हैं, लेकिन वे नहीं चाहती कि उनकी सक्रियता को बगावत के तौर पर देखा जाए. यही वजह है कि उन्होंने बीजेपी आलाकमान से कहा है कि वे पार्टी की अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी लाइन से कभी भी बाहर नहीं जाएंगी. अब उन्होंने जेपी नड्डा से भी समय मांगा है, माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात आज ही हो सकती है.
माना जा रहा है कि नड्डा से बैठक के दौरान वे विधायकों के समर्थन का जिक्र कर सीएम पद के लिए अपना दावा पेश कर सकती हैं. इतना ही नहीं वे आलाकमान को अपनी ताजपोशी के लिए मनाने की कोशिश कर सकती हैं. वसुंधरा राजे दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रही हैं. वे बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं.