
बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान कई उम्मीदवारों पर पुलिस का कानूनी डंडा भी चल रहा है. भोजपुर जिले के अगिऑव विधानसभा सीट से नामांकन के दौरान यह मामला सामने आया. नेता जैसे ही नामांकन पत्र भरने करने के बाद वापस लौट रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
दरअसल अगिऑव सीट से भाकपा माले उम्मीदवार मनोज मंजिल नामांकन का पर्चा दाखिल करने के लिए पीरों अनुमंडल कार्यालय पहुंचे थे. नामांकन के बाद जैसे ही मनोज मंज़िल निर्वाचन कार्यालय से बाहर निकले उन्हें पीरो डीएसपी अशोक कुमार आजाद के नेतृत्व में गिरफ्तार कर लिया गया.
मनोज मंज़िल गिरफ्तारी की पुष्टि पीरो डीएसपी अशोक कुमार आजाद ने करते हुए बताया कि मनोज मंजिल पर अगिऑव थाने में सड़क जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का एक केस दर्ज है. जिसको लेकर कोर्ट के वारंट के अनुसार उनकी गिरफ्तारी हुई है. गिरफ्तारी से गुस्साए समर्थक नारेबाजी करने लगे.
बहरहाल मनोज मंजिल की गिरफ्तारी राजनितिक गलियारों समेत पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. तरारी थाना के कपुरडिहरा गांव के निवासी मनोज मंजिल इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं.
बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान पुलिस ने भाकपा- माले उम्मीदवार मंजिल को गिरफ्तार किया था. उस समय भी माले नेता पुलिस फाइलों में फरार थे. दोबारा इसी तरह से उन्हें गिरफ्तार किए जाने पर वोटरों में नाराजगी है. उनका कहना है कि पुलिस भले उन्हें जेल भेज दे, लेकिन हम इस बार उन्हें विधानसभा भेजेंगे. (इनपुट - सोनू सिंह)
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