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क्यों पड़ी उपचुनाव की जरूरत?
सूबे में जिन सात सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से चार कांग्रेस के पास थीं और एक-एक बीजेपी, बीएपी आरएलपी के पास थी. दो सीटों पर उपचुनाव मौजूदा विधायकों- कांग्रेस के जुबैर खान (रामगढ़) और बीजेपी के अमृतलाल मीना (सलूंबर) के निधन के कारण हो रहे हैं.
इसके अलावा बचे पांच निर्वाचन क्षेत्रों में विधायक लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए, जिसके कारण उपचुनाव की जरूरत पड़ी. कांग्रेस विधायक बृजेंद्र ओला (झुंझुनू), हरीश चंद्र मीना (देवली-उनियारा), मुरारी लाल मीना (दसाऊ), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक हनुमान बेनीवाल (खींवसर) और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक राजकुमार रोत (चोरासी) इस साल लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए. मौजूदा वक्त में 200 सीटों वाली राज्य विधानसभा में बीजेपी के 114 विधायक, कांग्रेस के 65, भारत आदिवासी पार्टी के तीन, बीएसपी के दो, रालोद का एक और आठ निर्दलीय विधायक हैं.