
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनाव प्रचार भी रफ्तार पकड़ने लगा है. यहां वोटरों को लुभाने के लिए तमाम अहम पार्टियों के उम्मीदवार कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. कोई उम्मीदवार लोगों के कपड़े तक धो रहा है तो कोई अपने हाथों से डोसे बनाकर खिला रहा है. नया नजारा कुंभकोणम में देखने को मिला. यहां AIADMK फ्रंट की ओर से श्रीधर वांडायर ताल ठोक रहे हैं. वे मोविंदे मुन्नेत्र कषगम पार्टी के नेता हैं.
वांडायर चुनाव प्रचार पर निकले तो आसुर के पास युवकों के एक ग्रुप को सिलंबम युद्धकला का प्रदर्शन करते देखा. वांडायर ने एक युवक से बांस का डंडा लेकर खुद भी उसे घुमाना शुरू कर दिया. वांडायर को सिलंबम करते देख वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए.
क्या है सिलंबम युद्धकला?
सिलंबम तमिलनाडु की एक हथियार आधारित भारतीय मार्शल आर्ट है. यह केरल के ‘कलारीपयट्टू’ से कुछ कुछ मेल खाती है. सिलंबम नाम तमिल शब्द ’सिलम’ (पहाड़) और “बाम’ (बांस) से मिलकर बना है. इस खेल में इस्तेमाल किया जाने वाला बांस वर्तमान केरल के कुरिनजी पहाड़ियों से आने वाला विशेष तरह का बांस है. माना जाता है सिलंबम दुनिया की सबसे प्राचीन मार्शल आर्टस में से एक है. माना जाता है कि इसका 5000 साल से अस्तित्व है. ब्रिटिश हुकूमत के दौरान इस युद्धकला पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
आपको बता दें कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 6 अप्रैल को मतदान होना है. वोटों की गिनती 2 मई को होगी. तमिलनाडु में एक चरण में चुनाव होगा. तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी. सभी सीटों के लिए वोटो की गिनती 2 मई को होगी.
2016 में एआईडीएमके ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 136 सीटों पर अपना परचम फहराया था. वहीं, डीएमके 98 सीटों पर सिमट गई थी. इस बार जयललिता के निधन के बाद तमिलनाडु की सियासत काफी बदल गई है.