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Exit Poll: बेदम BSP और कमजोर कांग्रेस ने यूपी में खिलाया कमल? ग्राउंड पर अलग दिखी तस्वीर

Exit Poll UP 2022: यूपी में चुनाव से पहले से ही मुख्य मुकाबला सपा-बीजेपी के बीच माना जा रहा है. हालांकि, यह भी कहा जा रहा था कि इस बार प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कुछ कमाल दिखा सकती है. जबकि बसपा अपने कोर वोटरों के जरिए कई सीटों पर सपा और बीजेपी का खेल बिगाड़ सकती है. लेकिन एग्जिट पोल में ये सब आंकड़े धरे नजर आ रहे हैं.

 Exit polls 2022 : यूपी में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान. Exit polls 2022 : यूपी में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान.
aajtak.in
  • लखनऊ,
  • 08 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 9:44 AM IST
  • एग्जिट पोल में बीेजेपी को यूपी में बहुमत का अनुमान
  • इंडिया टुडे-एक्सेस माय इंडिया के सर्वे में बीजेपी को 288-326 सीटें मिलने का अनुमान

Exit Poll UP 2022: यूपी समेत 5 राज्यों के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं. देश के सबसे बड़े सूबे में लगातार दूसरी बार प्रचंड जीत के साथ कमल खिलने का अनुमान जताया जा रहा है. इंडिया टुडे-एक्सेस माय इंडिया के सर्वे में बीजेपी को 288-326 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं, सपा 71-101 पर सिमटती नजर आ रही है. लेकिन एग्जिट पोल की सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस बार बसपा का कोर वोटर भी पार्टी से छिटकता नजर आ रहा है. वहीं, यूपी में 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देने वाली प्रियंका गांधी भी कांग्रेस की डूबती नाव को बचाने में सफल होती नहीं दिख रही हैं.

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बेदम बीएसपी और कमजोर कांग्रेस ने यूपी में खिलाया कमल?

यूपी में चुनाव से पहले से ही मुख्य मुकाबला सपा-बीजेपी के बीच माना जा रहा है. हालांकि, यह भी कहा जा रहा था कि इस बार प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कुछ कमाल दिखा सकती है. जबकि बसपा अपने कोर वोटरों के जरिए कई सीटों पर सपा और बीजेपी का खेल बिगाड़ सकती है. लेकिन एग्जिट पोल में ये सब आंकड़े धरे नजर आ रहे हैं. बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती दिख रही है. 

यह भी पढ़ें - Exit Poll: यूपी में किसे ताज, पंजाब-उत्तराखंड में किसका होगा राज? पढ़ें- एग्जिट पोल की 10 बड़ी बातें

दरअसल, यूपी चुनाव में जिस तरह से मायावती ने चुनाव प्रचार से दूरी बनायी थी. उसका असर एग्जिट पोल में दिख रहा है. साल 2017 में बीएसपी को 19 और 2012 में 80 सीट मिली थी, लेकिन अबकी बार एग्जिट पोल में 3 से 9 सीट मिलती दिख रही है. यानी ये पिछले 10 साल के चुनावों में सबसे कम हो सकती है. यानी अबकी बार मायावती की पार्टी बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन करने जा रही है. वहीं, कांग्रेस के साथ भी ऐसा ही होता दिख रहा है कांग्रेस 2017 में सात सीटें जीती थी, पर इस बार 1 से 3 सीटें मिल रहीं. 

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बसपा-कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटा

2017 के विधानसभा चुनाव नतीजों की बात करें तो बीजेपी को 40%, सपा को 22%, बसपा को 22.4% और कांग्रेस को 6.3% वोट मिला था. वहीं, इंडिया टुडे-एक्सेस माय इंडिया के सर्वे में एग्जिट पोल में देखें तो इस बार बीजेपी को 46%, सपा को 36%, बसपा को 12%, कांग्रेस को 3% वोट मिलने का अनुमान जताया जा रहा है. वहीं, जातीय आधार पर देखें तो बसपा का अपना कोर वोटबैंक दलित भी छिटका है, जिसमें खासकर जाटव समुदाय भी दूर होता नजर आ रहा है. 

एग्जिट पोल के मुताबिक बसपा को 62 फीसदी जाटव और 15 फीसदी गैर-जाटव दलित का वोट मिल रहा है. इस तरह से बसपा के 38 फीसदी जाटव और 85 फीसदी गैर-जाटव दलित मतदाता छिटकने का अनुमान है. वहीं, एग्जिट पोल की मानें तो बीजेपी को 21 फीसदी जाटव और 52 फीसदी गैर-जाटव दलितों का वोट मिलता दिख रहा है. इसके अलावा बसपा का अति पिछड़ा वोटबैंक भी छिटक गया है और ब्राह्मणों को लुभाने का दांव भी मायावती के काम नहीं आया. 

एग्जिट पोल के नतीजे देखें, तो बीजेपी को इस बार बसपा और कांग्रेस के कमजोर होने का फायदा होता दिख रहा है, क्योंकि सपा वोट शेयर पिछली बार से ज्यादा बढ़ा है. सपा 2017 में 22 फीसदी वोटों के साथ 47 सीटें जीती थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 36 फीसदी वोट शेयर के साथ 71 से 101 सीटें मिल रही है. इस तरह से कांग्रेस से छिटका मुस्लिम वोटर सपा के साथ गया तो बसपा से छिटका जाटव और गैर-जाटव वोटर बीजेपी के साथ खड़ा दिखा. इस तरह बसपा-कांग्रेस की कमजोर होने से बीजेपी के सियासी संजीवनी मिली. 

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एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को महज ढाई फीसदी मुस्लिम समुदाय का वोट मिलता दिख रहा है. इसके अलावा कांग्रेस का कोर वोटबैंक माने जाने वाले ब्राह्मणों का चार फीसदी वोट ही मिलता दिख रहा तो ठाकुरों का तीन फीसदी, दलित चार फीसदी और डेढ़ फीसदी जाटव वोट ही मिल रहा.  

बीएसपी के कोर वोटर ने दिया बीजेपी का साथ

यूपी के चुनाव में बीजेपी ने बसपा के जाटव वोटबैंक को साधने के लिए तमाम जतन किए थे. चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड की राज्यपाल रही बेबीरानी मौर्य को इस्तीफा दिलाकर फिर से सक्रिय राजनीति में उतारा और उन्हें जाटव समुदाय के चेहरे के तौर पर पेश किया था. इसका फायदा बीजेपी को चुनाव में मिलता दिख रहा है, जो एग्जिट पोल से भी जाहिर होते हैं. वहीं, बीजेपी ने दलित मतदाताओं को भी अपने साथ जोड़े रखने के लिए तमाम कवायद और समीकरण बैठाए थे. 

बीजेपी और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने और बसपा के चुनावी मैदान से बाहर होने के चलते दलितों ने अखिलेश की तुलना में योगी को पसंद किया. बसपा प्रमुख मायावती ने भी चुनाव के बीच जिस तरह से सपा पर आक्रमक रुख अपनाए रखा और अखिलेश यादव को दलित विरोधी करार दे रही थी, उसका भी असर पड़ा है. वहीं, सपा और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस के बजाय सपा के साथ एकमुश्त जाने का फैसला किया. इस तरह से बसपा-कांग्रेस की कमजोरी ही बीजेपी की सियासी ताकत बनी.

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यूपी में बीजेपी को मिलता दिख रहा बहुमत

इंडिया टुडे-एक्सेस माय इंडिया के सर्वे में बीजेपी को 288-326 सीटें मिलती दिख रही हैं. जबकि सपा 71-101 पर सिमटती नजर आ रही है. बसपा को 3-9 सीटें मिलने का अनुमान है. कांग्रेस को 1-3 सीटें मिल सकती हैं.  

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